Illuminati Web Series: रहस्यमयी संगठन इल्युमिनाटी पर बनेगी म्यूजिकल वेब सीरीज, विक्की कौशल-रणवीर सिंह लीड रोल में आएंगे नजर

illuminati वेब सीरीज में  विक्की कौशल-रणवीर सिंह लीड रोल में आएंगे नजर

illuminati वेब सीरीज में विक्की कौशल-रणवीर सिंह लीड रोल में आएंगे नजर



इल्युमिनाटी ग्रुप 18वीं सदी में शुरू हुआ ऐसे लोगों का समूह है जो भगवान को नहीं बल्कि शैतान को मानते हैं। ये लोग अलग सोच के हैं जो अपनी सीक्रेट गतिविधियों से नई दुनिया बसा रहे हैं और दुनिया के बड़े फैस

वेब ख़बरिस्तान। फिल्ममेकर विनय भारद्वाज, महेश भट्ट मिलकर दुनिया के सबसे रहस्यमयी ग्रुप इल्युमिनाटी पर एक वेब सीरीज बनाने वाले हैं।  इस सीरीज में विक्की कौशल, रणवीर सिंह जैसे बड़े स्टार्स को लेने की तैयारी हो रही है। इस वेब सीरीज का टाइटल भी ‘इल्युमिनाटी’ ही रखा गया है। विनय भारद्वाज और राज मयेकर ने इसके म्यूजिक के लिए हनी सिंह को ऑन बोर्ड लिया है। महेश भट्ट इस सीरीज के क्रिएटिव मेंटर होंगे। 

अगले महीने से सीरीज की शूटिंग शुरू होगी

प्रोड्यूसर विनय भारद्वाज ने कहा, "इस सीरीज में हम एक रॉकस्टार की कहानी पेश करेंगे। जब वह जिंदगी के उतार चढ़ाव से गुजर कर ऊंचाइयां हासिल कर लेता है तो फिर वहां उसे क्या स्ट्रगल करना पड़ता है, वह हम सीरीज में जाहिर करेंगे। इसे यूके रिटर्न एसएस संधु ने तीन साल की रिसर्च कर तैयार किया है। हम अगले महीने से इसकी शूटिंग शुरू करेंगे। हम इसमें विजुअल इफेक्ट्स के लिए अनरियल इंजन टेक्निक का इस्तेमाल करेंगे। इसके तहत बड़ी एलईडी स्क्रीन को बैकग्राउंड में रखा जाता है। उस टेक्निक में क्रोमा और ग्रीन पर्दे वगैरह का यूज नहीं करना पड़ता है। हनी सिंह इसके म्यूजिक को लीड करेंगे। कंप्लीट कास्टिंग की अनाउंसमेंट हम थोड़ा रुक कर करेंगे।"

सीरीज में दिखाई जाएगी इल्युमिनाटी की कहानी

विनय का दावा है कि पहली बार इल्युमिनाटी की कहानी बाहर आएगी। विनय कहते हैं, "कई लोग इसे ताकतवर माफियाओं का ग्रुप करार दे देते हैं, जो सक्सेसफुल लोगों को लीड करता है। कहा जाता है कि यह समूह इंसान को जमीन से आसमान की ऊंचाइयों पर ले जाने का माद्दा रखता है। हालांकि, ऐसे ग्रुप से जुड़ने पर किसी इंसान की क्या हालत हो जाती है, वह सब हम सीरीज में पेश करने वाले हैं।"

क्या है इल्युमिनाटी ग्रुप?

इल्युमिनाटी ग्रुप 18वीं सदी में शुरू हुआ ऐसे लोगों का समूह है जो भगवान को नहीं बल्कि शैतान को मानते हैं। ये लोग अलग सोच के हैं जो अपनी सीक्रेट गतिविधियों से नई दुनिया बसा रहे हैं और दुनिया के बड़े फैसलों पर प्रभाव डालने की कोशिश करते हैं। ग्रुप के लोग खूफिया तरीके से मिटिंग करते हैं और रहस्यमयी तरीके से दुनिया बदलने की कोशिश करते हैं। कहा तो ये भी जाता है कि कोरोना संक्रमण को दुनिया में फैलाने के लिए इसी ग्रुप के लोगों ने चीन के साथ मिलकर योजना बनाई थी, हालांकि ये सोसाइटी इतना सीक्रेटली काम करती है कि इसका सबूत मिल पाना लगभग असंभव है।

इल्युमिनाटी ग्रुप कैसे शुरू हुआ ?

ग्रुप की शुरुआत एडम वीशॉप्ट ने की जो जर्मनी में केनन लॉ और प्रैक्टिकल फिलोसफी के प्रोफेसर हुआ करते थे। बेवेरिया शहर में एडम एक शादीशुदा आदमी की तरह आम जिंदगी जी रहे थे, लेकिन उनके अंदर एक नई दुनिया बसाने का सपना पल रहा था। एडम की सोच थी कि कैथोलिक सोच और चर्च के नियमों के कारण कई लोग खुलकर जिंदगी नहीं जी पा रहे हैं। यहीं से उन्हें एक ऐसा ग्रुप बनाने का विचार आया जो बिना नियम के जिंदगी जिएगा, जिसपर धर्म की कोई बंदिश नहीं होगी जो हर बेड़ियों से मुक्त मनमानी कर सकेगा।


एडम विशॉप्ट ने 1977 में एक सीक्रेट मीटिंग रखी 

एडम ने 1977 में नई सोसाइटी बनाने के विचार लोगों के सामने रखे। इस मीटिंग में यूनिवर्सिटी के 5 लोग शामिल हुए थे। वो लोग भी नियमों से परेशान थे। सबकी सोच मिली तो नए ग्रुप की शुरुआत हो गई। 5 लोगों की जिंदगी और उनके कॉन्फिडेंट को देखते हुए कई लोग इनसे जुड़ने लगे। चंद सालों में ही करीब 3 हजार लोग इस ग्रुप से जुड़ चुके थे।

भगवान के खिलाफ होकर शेतान लूसिफर को पूजने लगे

विशॉप्ट धार्मिक नियमों के बिना जीने वाले एक लोगों को ग्रुप बनाना चाहते थे, लेकिन जैसे-जैसे लोग जुड़ते गए तो नियम भी बनाए जाने लगे। कुछ ऐसे लोग भी ग्रुप से जुड़ गए जो भगवान के खिलाफ होकर शेतान लूसिफर को पूजने लगे। शेतानी गतिविधियां शुरू हुईं और ग्रुप के मायने बदलते गए।

क्या है इल्युमिनाटी का लोगो?

इल्युमिनाटी एक लेटिन शब्द है जिसका हिंदी अर्थ है ऐसे लोग जो दूसरों से ज्यादा ज्ञानी होने का दावा करते हैं। इस ग्रुप को एडम ने ही इल्युमिनाटी नाम दिया। इस ग्रुप का ऑफिशियली कोई लोगो तो नहीं है लेकिन ग्रुप के लोग एक आंख को अपना चिन्ह मानते हैं। आंख को इसलिए महत्व दिया गया है क्योंकि आंख ही है जो दुनिया को देखती है। इस आंख को एक त्रिकोण में रखकर ग्रुप का लोगो बना दिया गया। हालांकि सीक्रेट सोसाइटी होने के कारण कभी इस पर आधिकारिक मुहर नहीं लग सकी।

समाज के लिए खतरा बनने लगा ये सीक्रेट ग्रुप?

देखते-ही-देखते शैतान की पूजा करने वाला ये ग्रुप भगवान को पूजने वालों के खिलाफ होने लगा। धार्मिक लोगों के साथ इस ग्रुप से जुड़े लोग बुरा व्यवहार करने लगे। काला जादू आम बात हो गई जहां शेतान को खुश करने के लिए हर हद पार की जाने लगी। खबरें आईं कि शेतान को खुश करने के लिए ये लोग इंसानों की बली देते थे और आत्माओं को गिरवी रखते थे। ऐसे लोगों को इल्युमिनाटी ग्रुप के लोग ऊंचा समझते थे। जहां कई देशों में एबॉर्शन गैरकानूनी था वहां ये लोग एबॉर्शन करते हुए इसे बढ़ावा देते रहे। इस ग्रुप के लोगों के लिए आत्महत्या करना भी एक मामूली बात थी।

सरकार ने किया था ग्रुप से जुड़ने पर सजा-ए-मौत का ऐलान?

जब इस ग्रुप के लोग आम जनता पर हावी होने लगे तो सरकार ने इनके खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया। ऐलान हुआ कि इस ग्रुप से जुड़ने वाले हर शख्स को सजा-ए-मौत दी जाएगी। लेकिन इल्युमिनाटी नहीं रुका। ये पहले से भी ज्यादा रहस्यमयी तरीके से अपना एजेंडा चलाते रहे।

ट्रांसपैरेंट इंक से भेजते थे सीक्रेट मैसेज

जब सरकार ने सख्त कदम उठाया तो इस ग्रुप से जुड़े लोगों के घर में छापा मारा जाने लगा। इनके घरों से ट्रांसपैरेंट इंक बरामद की गई जिससे ये सीक्रेटली एक दूसरे को संदेश भेजते हुए नेगेटिव गतिविधियां किया करते थे।

सीक्रेट सोसाइटी को 1780 में किया गया बंद

1780 में सरकार ने इस ग्रुप को समाज के लिए खतरा बताते हुए बंद कर दिया। इस ग्रुप की शुरुआत करने वाले एडम वीशॉप्ट को यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पद से हटा दिया गया। एडम को शहर से निकाल दिया गया जिससे वो दोबारा ये सोसाइटी न बना सकें। कुछ सालों बाद एडम ने दूसरी यूनिवर्सिटी में नौकरी की और आम जिंदगी जीने लगे। लेकिन इस समय भी इल्युमिनाटी समाज के लिए खतरे की तरह काम कर रहा था। ये ग्रुप एक न्यू वर्ल्ड ऑर्डर तैयार करना चाहता है। न्यू वर्ल्ड ऑर्डर का मतलब है ऐसी दुनिया जहां न कोई सरकार हो न कोई राजा। ये लोग अपने ग्रुप को इतना मजबूत और बड़ा करना चाहते हैं जिससे दुनिया पर राज किया जा सके। कहा जाता है कि दुनियाभर के कई नामी लोग भी न्यू वर्ल्ड ऑर्डर थ्योरी से सहमत हैं और सीक्रेटली इसका सपोर्ट भी करते हैं।

कई नामी हस्तियों पर इस ग्रुप से जुड़े होने का शक

इलुमिनाती ग्रुप से जुड़े लोग भले ही रहस्यमयी जिंदगी जीते हैं, लेकिन ये समय-समय पर कुछ चुनिंदा इशारों से इस ग्रुप से जुड़े होने का हिंट देते रहते हैं। अमेरिकन सिंगर कैटी पैरी पर भी इस ग्रुप से जुड़े होने के आरोप लगे हैं। कैटी अपने म्जूकिल एलबम और अवॉर्ड नाइट परफॉर्मेंस में इल्युमिनाटी से जुड़े चिन्ह दिखा चुकी हैं। जस्टिन बीबर, माइली सायरस, मडोना, ब्रिटनी स्पीयर्स, लेडी गागा, कान्ये वेस्ट, किम कार्दशियन, एमिनम जैसे कई सेलेब्स पर भी इस ग्रुप से जुड़े होने का शक है। 

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