अगर मूसेवाला बुलेटप्रूफ गाड़ी में होता तो ग्रेनेड से हमले की थी तैयारी

सिद्धू मूसेवाला फाईल फोटो।

सिद्धू मूसेवाला फाईल फोटो।



आठ हाई एक्सप्लोसिव ग्रेनेड बरामद, पुलिस की वर्दियां भी खरीद रखीं थीं, नेम प्लेट न मिलने की वजह से नहीं पहनीं, मूसेवाला पर पहली गोली एके 47 से चलाई गईं थी

खबरिस्तान नेटवर्क। हत्या के दिन सिद्धू अगर उस दिन बुलेट प्रूफ गाड़ी में भी होता तो हत्यारों ने ग्रेनेड से हमला करना था। हत्यारे पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला को हर हाल में जान से मारना चाहते थे। छह बार रेकी में हमलावर असफल रहे तो इस बार उन्होंने पुलिस की वर्दियां भी खरीदीं थीं। ये खुलासा हुआ है शार्प शूटर प्रियवर्त फौजी और कशिश की गिरफ्तार के बाद। दोनों को दिल्ली पुलिस ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से गिरफ्तार किया है। दोनों दोनों अपने तीसरे साथी केशव के साथ किराए के मकान में छिपे हुए थे।

हरियाणा के सोनीपत जिले के गढ़ी सिसाना का रहने वाला फौजी सारे प्लान को लीड कर रहा था। केशव उर्फ कुलदीप हरियाणा के झज्जर जिले के गांव बेरी का रहने वाला है। उसके खिलाफ झज्जर में 2021 में मर्डर केस दर्ज है। कशिश बठिंडा का रहने वाला है।

पुलिस की वर्दी भी ले रखी थी

दिल्ली पुलिस के मुताबिक मूसेवाला की हत्या में कुल 6 शार्प शूटर्स शामिल थे। जो कोरोला और बोलेरो में सवार होकर आए थे। अगर हथियार फेल हो जाते या मौके पर कोई खतरा होता तो शार्प शूटर्स ने मूसेवाला पर ग्रेनेड अटैक की भी प्लानिंग कर रखी थी। शूटर्स ने पुलिस की वर्दी भी ले रखी थी। हालांकि, नेम प्लेट न होने की वजह से उन्होंने वर्दी नहीं पहनी थी। मूसेवाला की हत्या के बाद शार्प शूटर्स ने गोल्डी बराड़ को कॉल कर कहा कि काम हो गया।

दिल्ली पुलिस के स्पेशल पुलिस कमिश्नर के एचजीएस धालीवाल ने बताया कि हत्या को अंजाम देने के लिए 2 टीमें एक्टिव थी। दोनों कनाडा बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के टच में थी। बोलेरो को कशिश चला रहा था। उस टीम का हेड प्रियवर्त फौजी था। उसके साथ अंकित सेरसा और दीपक मुंडी शामिल था। कोरोला गाड़ी को जगरूप रूपा चला रहा था। मनप्रीत मन्नू उसके साथ था।

पहले AK47 से मारी गोलियां


पहले मोगा के बदमाश मनप्रीत मन्नू ने AK47 से फायर किया। गोली मूसेवाला को लगी। मूसेवाला की थार रुक गई। फिर शूटर कोरोला से उतरे और बोलेरो से भी 4 शूटर उतरे। सभी ने तोबड़तोड़ फायरिंग की। जब लगा कि अब मूसेवाला बच नहीं पाएगा तो सभी फरार हो गए।

वारदात के बाद मन्नू और रूपा अलग चले गए। बाकी 4 लोग बोलेरो में चले गए। इन्हें कुछ किलोमीटर के बाद केशव ने अपनी गाड़ी में बैठाया। वहां से फतेहाबाद पहुंचे। कुछ दिन वहां रुकने के बाद आगे निकले। कई जगह पर छिपते रहे। 19 जून को सुबह के वक्त दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इन्हें खारी मिट्‌ठी रोड मुंद्रा पोर्ट के पास गिरफ्तार किया है। उन्होंने किसी लोकल डीलर के जरिए किराए का मकान ले रखा था।

आठ ग्रेनेड बरामद

दिल्ली पुलिस के मुताबिक आरोपियों से 8 हाई एक्सप्लोसिव ग्रेनेड,  अंडर बैरल ग्रेनेड लांचर बरामद किए गए हैं। इसे AK47 पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। एक असॉल्ट राइफल, 3 पिस्टल, 36 राउंड कारतूस, AK सीरीज असॉल्ट राइफल का एक पार्ट भी मिला है।

प्रियवर्त फौजी और अंकित सेरसा 25 मई को हरियाणा में बीसला पेट्रोल पंप पर नजर आए थे। इसी पंप की तेल वाली पर्ची से इनकी शिनाख्त हुई थी, जो वारदात कर फरार होने के बाद उनकी बोलेरो से बरामद हुई थी।

29 मई को की थी मूसेवाला की हत्या

पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की 29 मई को शाम साढ़े 5 बजे मानसा के गांव जवाहरके में हत्या कर दी गई थी। मूसेवाला पर करीब 40 राउंड फायर किए गए। मूसेवाला के शरीर पर 19 जख्म मिले थे। इनमें 7 गोलियां सीधी मूसेवाला को लगी थीं। गोली लगने के 15 मिनट के भीतर मूसेवाला की मौत हो गई थी। बोलेरो और कोरोला गाड़ी से पीछा कर थार जीप से जा रहे मूसेवाला की हत्या की गई। उस वक्त मूसेवाला के साथ गनमैन नहीं थे।

 

पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की इसी थार जीप में गोलियां मारकर हत्या की गई थी। यह जीप बुलेटप्रूफ नहीं थी। हत्या के वक्त उनके गनमैन भी साथ नहीं थे।

अब तक 11 गिरफ्तार

मूसेवाला हत्याकांड के मामले में पंजाब पुलिस अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जिनमें शार्प शूटर्स को कोरोला गाड़ी देने वाला मनप्रीत भाऊ, गैंगस्टर मनप्रीत मन्ना और सराज मिंटू, प्रभदीप सिद्धू उर्फ पब्बी, मोनू डागर, पवन बिश्नोई, नसीब खान, मनमोहन सिंह मोहना और मूसेवाला की फैन बनकर रेकी करने वाला संदीप केकड़ा भी शामिल हैं।

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