बूस्टर डोज: बुजुर्गों को क्यों जरूरी, पढ़ें पूरी खबर



प्रिकॉशन डोज लगवाने से पहले और बाद में क्या करें और क्या नहीं?

वेब ख़बरिस्तान। यूं तो दुनिया में कोरोना की बरसात थमने का नाम नहीं ले रही है। लेकिन इससे बचाव के लिए पूरी दुनिया में अब बूस्टर डोज लग रही है, जिसे काफी असरदार माना जा रहा है। अब तक यह देखा गया है कि कोविड-19 की वैक्सीन गंभीर बीमारी, अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु के जोखिम को कम करने में प्रभावी रहे हैं।

आखिर क्यों बूस्टर डोज जरूरी

एक तरफ जहां दुनिया में कोरोना वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। कोरोना के घातक वैरिएंट ओमीक्रोन के आने के बाद नए मामलों की संख्या ने रफ्तार पकड़ ली है। वहीँ दुनिया के कई देशों में इसकी रोकथाम के लिए बूस्टर डोज दी जा रही है। यह डोज संक्रमण को कम करने में काफी असरदार बताई जा रही है। इसे कोरोना की तीसरी खुराक भी कहा जा रहा है, जो कई देशों में दी जा रही है।

देश में रविवार को हुई बूस्टर डोज की शुरुआत

भारत में रविवार यानि 10 जनवरी को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बूस्टर डोज की शुरुआत की गयी। इस डोज को देने की शुरुआत  सबसे पहले बुजुर्गों, स्वास्थ्य कर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर्स को दे कर की गयी थी। वहीँ पहले ही दिन करीब 10 लाख लोगों को बूस्टर डोज दिया गया। इस अभियान में लगभग 5.75 करोड़ लोगों को प्रिकॉशन डोज यानि बूस्टर डोज दिया जाएगा।

सबसे पहले किन बुजुर्गों को बूस्टर डोज लगेगा?

आपको बता दें भारत में कोरोना की बूस्टर डोज सभी बुजुर्ग नहीं ले सकते हैं। बूस्टर डोज सिर्फ उन बुजुर्गों को दिया जाएगा जो हार्ट डिजीज, डायबिटीज, किडनी या किसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। इतना ही नहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कहा गया है कि ऐसे बुजुर्ग अपने डॉक्टर की सलाह के बाद ही बूस्टर डोज लगवाने जायें।

दूसरी वैक्सीन और बूस्टर डोज लगवाने के बीच कितने दिन का अंतर


आपको बता दें स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन्स के अनुसार कोरोना वैक्सीन के दूसरे डोज और प्रिकॉशन डोज के बीच 9 महीने का गैप होना अनिवार्य है। यानी अगर आपने 9 महीने पहले कोरोना की वैक्सीन की दूसरी खुराक ली है तो आप बूस्टर डोज लगवाने के लिए योग्य हैं। वहीँ अगर आपकी दूसरी खुराक के 9 महीने पुरे नहीं हुए हैं, तो आपको प्रिकॉशन डोज लगवाने के लिए 9 महीने पूरे होने का इंतजार करना पड़ेगा। कहने का मतलब है की दोनों डोज के बीच 9 महीने का गैप होना जरूरी है।

कौन से बुजुर्ग बूस्टर डोज ले पा रहे हैं?

आपको बता दें, जिन बुजुर्गों को बूस्टर डोज लगना है, उनके पास स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से एक मैसेज भेजा जा रहा है। ये मैसेज उन लोगों को दिया जा रहा हैं, जिन्होंने 9 महीने पहले वैक्सीन का दूसरा डोज ले लिया था। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि अगर आपको मैसेज नहीं मिल रहा है तो आप अपने दूसरी डोज का टाइम जरूर चेक कर लें, कि आपने कब लगवाई थी। अगर आपकी वैक्सीन को लगे 9  महीने हो गये हैं तो आप वैक्सीन लगवा सकते हैं।  

डॉक्टर का सर्टिफिकेट दिखाना जरूरी है?

प्रिकॉशन डोज यानि बूस्टर डोज लेने वाले बुजुर्गों को अपने डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, लेकिन डॉक्टर के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं पड़ेगी। यानी 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग डॉक्टर के सर्टिफिकेट के बगैर भी बूस्टर डोज लगवाने जा सकते हैं।

बूस्टर डोज लगवाने के लिए पैसे देने की जरूरत नहीं

अगर आप कोरोना वैक्सीन की तीसरी खुराक यानि बूस्टर डोज सरकारी अस्पताल में लगवाने जा रहे हैं तो आपको वहां कोई पैसा देने की जरूरत नहीं है। यह डोज वहां फ्री में लगाई जा रही है।

वैक्सीनेशन सेंटर पर कौन-से डॉक्युमेंट्स ले जाने जरुरी

वैक्सीनेशन सेंटर पर अपने साथ वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस लेकर जाएं। इसके अलावा आप चाहे तो स्वास्थ्य मंत्रालय से मान्यता प्राप्त कोई भी डॉक्युमेंट ले जा सकते हैं।

बूस्टर डोज का भी मिलेगा सर्टिफिकेट

हर बार की तरह इस बार भी वैक्सीनेशन सेंटर से बूस्टर डोज लगने के बाद एक सर्टिफिकेट आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आ जाएगा। जो बूस्टर डोज लगने का प्रमाण होगा।

बूस्टर डोज में कौन सी वैक्सीन लगाई जाएगी

आपको बता दें, बूस्टर डोज में आपको वही वैक्सीन लगेगी जिसकी दो खुराक आपको पहले भी लग चुकी हैं। जैसे, अगर आपने कोवैक्सिन की 2 खुराक पहले ली हैं तो बूस्टर डोज में भी कोवैक्सिन ही लगाई जाएगी। अगर आपने कोवीशील्ड की 2 खुराक ली हैं तो इसी की बूस्टर डोज आपको लगेगी।

डोज लेने के बाद क्या करें और क्या नहीं?

वैक्सीनेशन लगवाने जाने से पहले कुछ हलका खाना खा लें। खाली पेट न जाएँ। हाइड्रेशन के लिए बार बार पानी जरुर पियें। इतना ही नहीं वैक्सीनेशन लगने के बाद थोड़ी थोड़ी देर में खाना खाते रहें। वहीँ धुम्रपान और शराब का सेवन न करें।

बूस्टर डोज लेने के कोई साइड-इफ़ेक्ट

ज्यादातर लोगों में हलके साइड इफ़ेक्ट होते हैं। जिनमे हल्का बुखार, सिरदर्द, थकान, शरीर दर्द और सुजन जैसी दिक्कतें हो सामने आ सकती हैं। लेकिन आपको घबराने की कोई जरुरत नहीं। इसके लिए आप डॉक्टर की सलाह से मेडिसिन ले सकते हैं।

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