ब्लड शुगर कण्ट्रोल के लिए खाएं अश्वगंधा



डायबिटीज पेशेंट्स के लिए भी फायदेमंद

वेब ख़बरिस्तान। आयुर्वेदिक में अश्वगंधा का बहुत अधिक महत्त्व माना जाता है। ब्लड शुगर लेवल को कण्ट्रोल करने के लिए अश्वगंधा का अर्क बहुत ही लाभदायक है। विशेषज्ञों के अनुसार हर रोज़ अश्वगंधा का सेवन करने से डायबिटिक पेशेंट्स की हेल्थ ठीक रहती है। आपको बता दें डायबिटीज को कण्ट्रोल करने के लिए अक्सर मेडिसिन और घरेलू नुस्खों का प्रयोग किया जाता है और अगर आप भी घरेलू नुस्खों पर यकीन करते हैं तो एक बार अश्वगंधा को भी अपनाकर देखिए। बहुत से लोग इसे इंडियन जिनसेंग के नाम से जानते हैं। यह भारतीय चिकित्सा में यूज़ की जाने वाली बहुत ही फेमस जड़ी-बूटी है।

शुगर को कण्ट्रोल करने का काम करती है

आपको बता दें कि शुगर एक क्रॉनिक बीमारी है, यह तब होती है जब आपका ब्लड ग्लूकोज असामान्य रूप से बड़ जाता है। ब्लड में ग्लूकोज एनर्जी का मुख्य सोर्स है और यह हम सबके द्वारा खाए जाने वाले भोजन से आता है। अश्वगंधा की हेल्प से डायबिटीज को कुछ हद तक कण्ट्रोल किया जा सकता है। आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार अश्वगंधा का अर्क ब्लड स्ट्रीम में इंसुलिन के discharge को उत्तेजित करने का काम करता है जिससे शुगर लेवल कोन्रोल होना शुरू हो जाता है।

अश्वगंधा का सेवन करने का सही तरीका क्या है


आपको बता दें अश्वगंधा की जड़ या पूरे पौधे से मिलने वाली अश्वगंधा मार्किट में पाउडर के रूप में उपलब्ध है इसके अलावा इसके कैप्सूल भी सप्लीमेंट के रूप में आसानी से मिल जाते हैं। इसके पाउडर को दूध के साथ मिलाकर हर दिन पीने से काफी लाभ मिलता है। इसके अलावा अश्वगंधा चूर्ण का सेवन पानी या घी के साथ करने से भी अच्छे परिणाम मिलते हैं।

अश्वगंधा का काढ़ा बना कर भी ले सकते हैं

काढ़ा बनाने के लिए तीन कप पानी में एक बड़ा चम्मच अश्वगंधा पाउडर मिलाएं। इसे 15 मिनट तक उबालें। जब अच्छे से उबल जाए, तो इसे छान कर ठंडा के लिए रख दें और फिर हो सके तो दिन में दो बार एक चौथाई कप जरूर लें काफी लाभ मिलेगा।

अश्वगंधा कैप्सूल का इस्तेमाल कैसे करें

वैसे विशेषज्ञ द्वारा हर दिन 1 या फिर 2 अश्वगंधा की कैप्सूल खाने की सलाह दी जाती है। इस कैप्सूल को खाने के बाद ज्यादा पानी पीने को कहा जाता है। ऐसा इसलिए ताकि गैस्ट्रोइंटेस्टनाइल साइड इफेक्ट को कम किया जा सके। इसके अलावा एक कप गर्म दूध के साथ भी इसका सेवन कर सकते हैं।

इस ख़बर में दी गयी जानकारी आपको जागरूकता मात्र के लिए दी गयी है। अगर आप ऊपर बताई गयी बिमारियों से ग्रस्त हैं तो आप अपने डॉक्टर से जरूर सम्पर्क करें।

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