प्रीमेच्योर एजिंग का सामान्य कारण हॉर्मोन्स का असंतुलन होना है



प्रीमेच्योर एजिंग में बालों का तेजी से झड़ना, कमजोरी महसूस होना भी है एक कारण

वेब ख़बरिस्तान। समय से पहले बालों का सफ़ेद होना, कमजोरी महसूस होना और कभी-कभी बिस्तर से उठते समय जब कमर चरमरा जाती है तो हम सभी यही बोलने लग जाते हैं कि बुढ़ापा आ गया है। ये सिर्फ कहने की बात नहीं है बल्कि ऐसा वाकई हो रहा है। इनदिनों की लाइफस्टाइल में लोगों में बुढ़ापा जल्दी आ रहा है जिसे प्रीमच्योर एजिंग कहा जाता है यानी समय से पहले बुढ़ापा आना। हम सब जानते हैं कि उम्र के साथ बॉडी में बदलाव आना एक नेचुरल प्रोसेस है। यह सबके साथ एक न एक दिन होना ही है लेकिन अगर समय से पहले ही बुढ़ापा दिखने लगे तो इसका मतलब कुछ गड़बड़ है।

प्रीमच्योर एजिंग क्या हैं

डॉक्टर्स के मुताबिक बुढ़ापा आना एक नेचुरल प्रोसेस है, लेकिन कभी-कभी इसके लक्षण समय से पहले दिखाई देने लगते हैं। जब यह लक्षण 35 से 40 साल की उम्र में दिखाई देने लग जायें तो फिर इसे प्रीमेच्योर एजिंग कहा जाता है।

बहुत से कारण है इसके


जब बॉडी के एंजाइम्स और हॉर्मोन्स असंतुलित होने लग जायें तो प्रीमेच्योर एजिंग शुरू हो जाती है। इसके अलावा नए सेल्स और टिशु बनने में भी बहुत सी प्रोब्लेम्स शुरू हो जाती है। यदि आप बहुत अधिक मात्रा में स्मोकिंग और शराब लेते हैं तो भी हमारी हेल्थ पर असर पड़ता है जिसका असर हामरी ऐज पर दिखाई देने लग जाता है। वहीँ अल्ट्रावॉयलेट रेज़ व  खराब डाइट,  नींद की कमी,  स्ट्रेस और  प्रदूषण जैसी चीजें भी एजिंग के प्रोसेस को बढ़ावा देती हैं।

किस किस तरह के हैं लक्षण

प्रीमेच्योर एजिंग में बालों का तेजी से झड़ना शुरू हो जाता है,  आंखों के नीचे काले घेरे बनने लगते हैं। चेहरे पर बहुत ज्यादा झुर्रियां दिखाई देती हैं और थोडा सा काम करने पर जल्दी थकावट महसूस होने लगती है। इसके अलावा कमर का साइज बढ़ना हाथ-पैरों का पतला होना शुरू हो जाता है।

किस तरह किया जा सकता है बचाव

प्रीमेच्योर एजिंग को रोकने के लिए सबसे पहले तो जंक फूड को टला लगाना पड़ेगा तला, भुना या प्रोसेस्ड फ़ूड को हटाकर घर के बने खाने की तरफ रुख करना होगा। इसके अलावा हर दिन 3 से 4 लीटर पानी पीने की आदत को अपने डेली रूटीन में शामिल करना होगा। हर रोज़ 40 से 45 मिनट की वाक या एक्सरसाइज  भी है जरुरी है। एक्सरसाइज करने से ब्लड सर्कुलेशन सही होता है और बॉडी एक्टिव रहती है। आपको बता दें ब्लड सर्कुलेशन सही होने का मतलब है कि जो कुछ भी खाया जा रहा है उसके पोषक तत्व बॉडी में खून के माध्यम से ठीक से पहुंच रहे हैं। इसके अलावा स्ट्रेस को कण्ट्रोल करना भी बेहद जरूरी है यानि अपने लिए टाइम निकाल कर दिन में किसी भी हॉबी को अपनाना है। ऐसा करने से स्ट्रेस फ्री  होंगे और आपकी बॉडी internally हेल्दी रहेगी और प्रीमेच्योर एजिंग से बचाव होगा।

इस ख़बर में दी गयी जानकारी आपको जागरूकता मात्र के लिए दी गयी है। अगर आप ऊपर बताई गयी किसी प्रॉब्लम से ग्रस्त हैं तो आप अपने डॉक्टर से जरूर सम्पर्क करें।

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