4 साल के बच्चे ने निगली खिलौने की बैटरी, पेट में कर रही थी रिएक्शन

प्रतीतात्मक फोटो

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बैटरी बच्चे की आहार नली को गलाकर उसमें सुराख पैदा करने वाली थी

वेब खबरिस्तान, पटना। इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में एक चार साल के बच्चे के पेट से बैटरी निकाली गई है। यह बैटरी बच्चे की आहार नली को गलाकर उसमें सुराख पैदा करने वाली थी लेकिन 3 घंटे तक चले ऑपरेशन में डॉक्टरों ने बैटरी को बाहर निकाला और बच्चे की जान बचाई। टीम ने कहा कि बैटरी पेट में जाने के बाद से ही रिएक्शन मोड में थी और इसका असर बच्चे की आंत पर पड़ रहा था। अगर देरी होती तो बच्चे की जान बचा पाना मुश्किल हो जाता।

खेलते खेलते निगल गया बैटरी


भोजपुर जिले के आरा पकड़ी के वार्ड नंबर-15 का रहने वाला 4 साल का किशन खिलौने में लगने वाली बड़ी बैटरी को खेलते-खेलते निगल गया। बैटरी पेट में जाने के बाद से रिएक्शन कर रही थी और इसका असर बच्चे पर पड़ रहा था। पहले तो परिजनों ने स्थानीय डॉक्टरों को दिखाया लेकिन डायग्नोस नहीं किया जा सका। नहीं पता चल सका कि बच्चे के पेट में क्या बीमारी है। परिजनों को यह नहीं पता था कि बच्चा बैटरी निगल गया है। बच्चे ने खाना पीना बंद कर दिया था और उसकी हालत भी खराब होने लगी तब मां बाप उसे कई डॉक्टरों के पास ले गए लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ।

आहार नली में कोई पार्ट होने का पता चला

किशन को लेकर परिवार वाले इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान आए तो पीडियाट्रिक्स विभाग की जांच में आहार नली में कोई पार्ट होने की बात पता चली। जांच के दौरान यह पाया गया बैटरी पेट में फंसी है। डिटेक्ट होने के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन का फैसला लिया। इसके बाद पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के डॉ. विनीत ठाकुर और उनकी टीम ने दूरबीन के माध्यम से बच्चे के पेट से बैटरी निकाली।

संस्थान के निदेशक डॉ. एन आर विश्वास ने पूरी टीम में शामिल डॉ. विनीत, डॉ. रामधनी, डॉ. संदीप, डॉ दिगंबर, डॉ. सुजीत एंव डॉ. निधि और सिस्टर अनीता को बधाई दी ।

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