बीमार पत्नी को 4 किमी पैदल कंधे पर लेकर अस्पताल पहुंचा 70 वर्षीय पति, जान नहीं बचा पाया

रास्ते पर कई बार वे पत्नी को बैठाने और सुलाने के लिए मजबूर हुए

रास्ते पर कई बार वे पत्नी को बैठाने और सुलाने के लिए मजबूर हुए



बेहद दुखद घटना सामने आई

वेब ख़बरिस्तान, महाराष्ट्र। नंदुरबार जिले के चांदसैली घाट गांव में बेहद दुखद घटना सामने आई। बारिश और भूस्खलन के कारण बंद पड़े रास्तों की वजह से एक बुजुर्ग को अपनी पत्नी को कंधे पर लादकर पैदल ही अस्पताल के लिए रवाना होना पड़ा। वह चार किलोमीटर तक गए भी, लेकिन पत्नी ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

65 वर्षीय पत्नी की तबियत खराब थी


70 साल के अदल्या पाडवी की 65 साल की पत्नी सिदलीबाई की तबियत काफी खराब हो गई। उन्हें तेज बुखार था। चूंकि गांव तक कोई गाड़ी नहीं आ सकती थी और पत्नी की हालत लगातार गंभीर होती जा रही थी। ऐसे में अदल्या ने कंधे पर उठाकर पत्नी को अस्पताल पहुंचाने का मन बनाया।

रास्ते में कई बार आई थकावट

पत्नी को कंधे पर लाद अदल्या चार किलोमीटर तक चले। उनकी बूढी हड्डियां बार-बार जवाब दे रहीं थीं और रास्ते पर कई बार वे पत्नी को बैठाने और सुलाने के लिए मजबूर हुए। लेकिन उनकी यह कोशिश तब नाकाम हो गई जब अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टर ने उनकी पत्नी को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर ने बताया कि तेज बुखार होने के कारण महिला ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था।

आदिवासी विकास मंत्री इसी इलाके के, फिर भी विकास नहीं

इस इलाके में कोई सड़क नहीं है। भूस्खलन के कारण लगभग हर साल चांदसाली घाट बंद हो जाता है और हजारों आदिवासी कई दिनों तक अपने गांव में कैद हो कर रह जाते हैं। चंदसाली गांव में स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं हैं। इसलिए लोगों को नंदुरबार, तलौदा, धड़गांव तक इलाज के लिए जाना पड़ता है।

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