किसान नेता राकेश टिकैत का ट्वीट – एमएसपी नहीं तो आंदोलन वहीँ, पढ़ें और क्या लिखा

किसान नेता राकेश टिकैत ने ट्वीट कर इरादे साफ़ कर दिए

किसान नेता राकेश टिकैत ने ट्वीट कर इरादे साफ़ कर दिए



दिल्ली में बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को अब आगे और कैसे बढ़ाया जाने के फैसले के बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने ट्वीट कर इरादे साफ़ कर दिए हैं।

वेब ख़बरिस्तान, जालंधर। दिल्ली में बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को अब आगे और कैसे बढ़ाया जाने के फैसले के बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने ट्वीट कर इरादे साफ़ कर दिए हैं। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने ट्वीट में लिखा – सरकार द्वारा जिन कृषि सुधारों की बात की जा रही है, वे नकली और बनावटी है। इन सुधारों से किसानों की बदहाली रुकने वाली नहीं है। कृषि व किसान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून बनाना सबसे बड़ा सुधार होगा।

इसके साथ ही उन्होंने हैशटैग भी दिया है – एमएसपी नहीं तो आन्दोलन वही, एमएसपी की गारंटी भी चाहिए।

सिंघु बॉर्डर पर चल रही अहम बैठक


संयुक्त किसान मोर्चा की अहम बैठक दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर हो रही है। बैठक करीब 2 से 3 घंटे तक चलेगी और मीटिंग के बाद फैसलों का ऐलान कर दिया जाएगा। इसमें फैसला लिया जाना है कि संघर्ष को आगे कैसे बढ़ाया जाएगा।

मोर्चा पहले ही कह चुका है कि उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा और अब तक दिए गए सभी एक्शन उसी तरह से होने हैं। मगर फिर भी आज की बैठक में इस पर भी विचार किया जाना है, क्योंकि किसानों की सबसे बड़ी मांग मानने को सरकार तैयार हो गई है तो क्या अब ढील बरती जानी चाहिए, इस पर विचार किया जाना है।

22 नवंबर को होगी लखनऊ में पंचायत

संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा पहले से तय कार्यक्रम अनुसार उत्तर प्रदेश के लखनऊ में किसानों की महापंचायत होने जा रही है, जिसे बरकरार रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार में लगे हैं। ऐसे में उनके द्वारा कृषि कानून रद्द करने का कोई खास फायदा होता नजर नहीं आ रहा है।

मोर्चा इस बात पर अड़ा है कि पहले कानून संसद में रद्द करो, फिर एमएसपी गारंटी बिल लेकर आओ और बिजली संशोधन बिल वापस लो, फिर वह संघर्ष वापस लेंगे और अपने घरों को लौटेंगे।

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