संसद का मानसून सत्र शुरू, नए मंत्रियों का परिचय करवाने पर विपक्ष ने किया जोरदार हंगामा



पीयूष गोयल ने कहा, विपक्षी दलों ने पुरानी परंपरा को तोड़ा है, क्योंकि हमेशा से ऐसी परंपरा रही है प्रधानमंत्री संसद में नए मंत्रियों का परिचय कराते हैं, लेकिन विपक्ष ने ऐसा करने से रोका ये निंदनीय है

वेब ख़बरिस्तान, नई दिल्ली। संसद का मॉनसून सत्र आज यानी 19 जुलाई से शुरू हो गया है और सदन की कार्यवाही 13 अगस्त तक चलेगी। सरकार मानसून सत्र के दौरान कई विधेयकों को पारित कराना चाहती है, जबकि विपक्ष भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और किसान आंदोलन के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

दोनों सदनों की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। सरकार कई विधेयकों को पारित कराने के एजेंडे के साथ सदन में आई। सरकार ने 17 नए विधेयकों को पेश करने के लिए सूचीबद्ध किया है। इनमें से तीन विधेयक हाल में जारी अध्यादेशों के स्थान पर लाए जाएंगे। इनमें से एक अध्यादेश 30 जून को जारी किया गया था, जिसके जरिए रक्षा सेवाओं में शामिल किसी के विरोध प्रदर्शन या हड़ताल में शामिल होने पर रोक लगाई गई है।

कांग्रेस के लोकसभा सांसद मनीष तिवारी और जसबीर सिंह गिल ने केंद्र के कृषि कानूनों को लेकर सदन में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया। आम आदमी पार्टी (AAP) के लोक सभा सांसद भगवंत मान ने भी स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया। कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और महंगाई पर चर्चा करने के लिए सदन में कार्यस्थगन नोटिस दिया।

बीजेपी नेता और राज्य सभा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने कहा, 'विपक्ष से अपील है की सकारात्मक रवैया अपनाए। संसद की कार्यवाही को बाधित करना जनता के साथ धोखा है। बिल तो आसानी से पारित हुए हैं और आगे भी होंगे।' केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने कहा, 'मायावती मुद्दे उठाएं, स्वस्थ डिबेट हो और हल्ला नहीं होना चाहिए। डॉ आंबेडकर के मिशन को लेकर चलने वाली मायावती जब किसी जाति की बात करती हैं तो ये बाबासाहब के मिशन पर कुठाराघात है। उन्हें जातिवाद से मतलब है, वो क्या जनता का काम करेंगी।


सुबह 10 बजकर 40 मिनट के करीब मॉनसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद पहुंचे। पीएम ने कहा, 'विपक्ष धारदार सवाल पूछे, लेकिन जवाब भी सुने। हम विपक्ष से हर चर्चा के लिए तैयार है।' इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सदन और सदन से बाहर दोनों जगहों पर चर्चा करेंगे।

वैक्सीन को लेकर मोदी ने कहा कि 'मैं आशा करता हूं कि आप सबको वैक्सीन की कम से कम एक डोज लग गई होगी। वैक्सीन बाहु पर लगती है और जब वैक्सीन बाहु पर लगती है तो आप बाहुबली बन जाते हैं। अब तक 40 करोड़ से ज़्यादा लोग कोरोना के खिलाफ लड़ाई में बाहुबली बन चुके हैं।'

पीएम मोदी ने कहा, 'देश की जनता, जो जवाब चाहती है सरकार सब जवाब देने को तैयार है. विपक्ष से आग्रह है कि सभी मुद्दों पर चर्चा के बाद सरकार का जवाब भी सुनने को तैयार रहें, ताकि जनता तक बातें पहुंच सके। महामारी के खिलाफ लड़ाई में कमियां रह गई हो तो दूर किया जा सकता है।'

मानसून सत्र की शुरुआत के बाद

पेट्रोल-डीज़ल और एलपीजी गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ अपना विरोध जताने के लिए तृणमूल कांग्रेस के सांसद साइकिल से संसद पहुंचे। सत्र के पहले दिन लोक सभा में प्रधानमंत्री मोदी जैसे ही बोलने के लिए उठे तो विपक्षी दलों ने हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस सांसद महंगाई पर और अकाली व बसपा सांसद किसानों के मुद्दे पर वेल में आ गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे लगा था कि आज उत्साह का दिन होगा, लेकिन दलित, महिलाओं और OBC के लोगों को मंत्री बनाए जाने की बात विपक्ष को हजम नहीं हो रही है। हंगामे को देखते हुए स्पीकर ने कोरोना के दौरान जिन सांसदों की मौत हुई, उनके बारे में जानकारी देनी शुरू कर दी।

विपक्ष के सांसदों के हंगामे के बीच लोक सभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित हो गई। जबकि राज्य सभा की कार्यवाही को भी 12.24 बजे तक स्थगित की गई। राज्य सभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई लेकिन विपक्ष का हंगामा जारी रहा।

कांग्रेस नेता शशि थरूर बोले, 'हमें कोरोना कुप्रबंधन, चीन, किसानों, बेरोजगारी सहित कई मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार रहना चाहिए। अगर सरकार हर दिन रचनात्मक चर्चा करने के लिए तैयार होगी तो संसद वैसे चलेगी जैसे लोग उम्मीद करते हैं, सरकार संसद को ​नोटिस बोर्ड की तरह इस्तेमाल करना चाहती है।'

राज्य सभा में सदन के नेता पीयूष गोयल ने कहा, 'हम आज सत्र के पहले दिन विपक्षी सांसदों के व्यवहार की निंदा करते हैं। हमने लोक सभा और राज्य सभा दोनों में एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति देखी। राज्य सभा में सभापति का अभिभाषण भी बाधित हुआ।' उन्होंने आगे कहा, 'विपक्षी दलों ने पुरानी परंपरा को तोड़ा है, क्योंकि हमेशा से ऐसी परंपरा रही है प्रधानमंत्री संसद में अपने नए मंत्रियों का परिचय कराते हैं, लेकिन विपक्ष ने ऐसा करने से रोका ये बहुत निंदनीय है।'

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