लखीमपुर खीरी मामले में सिद्धू ने तोड़ा मौन व्रत, केंद्रीय मंत्री के बेटे के जांच में शामिल होने के बाद खत्म किया अनशन



आशीष मिश्र मोनू जांच में शामिल होने के लिए पहुंचे, जिसकी वीडियो सिद्धू को दिखाई गई, इसके बाद सिद्धू ने हड़ताल और मौन व्रत खत्म कर दिया है, सिद्धू अब हिंसा में मरे दूसरे किसानों के परिजनों से मिलेंगे

वेब ख़बरिस्तान। लखीमपुर खीरी में मौन धारण करके बैठे नवजोत सिंह सिद्धू ने मौन व्रत और अनशन खत्म कर दिया है। शनिवार को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र मोनू जांच में शामिल होने के लिए पहुंच गया। इसके बाद सिद्धू को इसकी वीडियो दिखाई गई तो सिद्धू ने भूख हड़ताल और मौन व्रत खत्म कर दिया। इसके बाद सिद्धू हिंसा में मरे दूसरे किसानों के घर जाकर परिजनों से मिलेंगे।

सिद्धू के साथ मंत्री विजयेंद्र सिंगला, विधायक कुलजीत नागरा, मदन लाल जलालपुर और राज कुमार चब्बेवाल भी बैठे रहे। सिद्धू केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे की गिरफ्तारी या जांच में शामिल होने की मांग कर रहे थे। सिद्धू पहले हिंसा में मारे गए किसान लवप्रीत सिंह के घर पर गए थे। उसके बाद पत्रकार के घर गए। वहां सिद्धू ने परिवार की सहमति ली और अनशन की घोषणा कर दी थी।


इससे पहले सिद्धू को वीरवार को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर सीमा पर हिरासत में लिया गया था। जिसके बाद उन्हें जब छोड़ा गया तो वो आज लखीमपुर पहुंचे। उधर लखीमपुर से लौटने के बाद प्रिंयका गांधी अब पूरी तरह से योगी सरकार पर हमलावर दिख रही हैं। सीएम योगी के एक बयान के विरोध में प्रियंका अचानक से लखनऊ के इंदिरा नगर के लवकुश नगर पहुंच गई। दलितों की इस बस्ती में प्रियंका गांधी ने झाड़ू लगाकर योगी के बयान का विरोध जताया।

बता दें कि लखीमपुर जाने के दौरान प्रियंका गांधी को गिरफ्तार करके सीतापुर गेस्ट हाउस में रखा गया था। जहां उन्होंने अपने कमरे में खुद झाड़ू लगाकर सफाई की थी। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। प्रियंका के इसी काम पर योगी ने निशाना साधा था।

लखीमपुर हिंसा में चार किसान, एक पत्रकार और तीन बीजेपी कार्यकर्ता मारे गए थे। इस मामले में किसान संगठनों का आरोप है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे की गाड़ियों ने प्रदर्शन कर रहे किसानों को रौंद दिया था। जिसके बाद हिंसा भड़क गई। इस पूरी घटना में आठ लोगों की मौत तो दर्जनों लोग घायल हो गए थे।

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