स्पाइसजेट ने अपने 80 पायलट्स को बिना सैलरी की छुट्‌टी पर भेजा, सामने आया ये बड़ा कारण

एयरलाइन ने पायलट्स की संख्या नहीं बताई

एयरलाइन ने पायलट्स की संख्या नहीं बताई



यह फैसला स्पाइस जेट की पॉलिसी के हिसाब से है

वेब खबरिस्तान, नई दिल्ली। स्पाइसजेट ने मंगलवार को अपने स्टाफ से कुछ पायलट्स को 3 महीने के लिए लीव विदाउट पे (बिना सैलरी की छुट्‌टी) पर भेज दिया है। एयरलाइन ने एक स्टेटमेंट जारी कर इस बारे में जानकारी दी है। हालांकि एयरलाइन ने पायलट्स की संख्या नहीं बताई, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पायलट्स की संख्या करीब 80 है। ये पायलट्स बोइंग और Q400 फ्लीट के हैं।

कंपनी ने बताया कि खर्च में कटौती के लिए हमने अस्थायी तौर पर कुछ पायलट्स को तीन महीने बिना सैलरी की छुट्‌टी पर भेजने का फैसला लिया है। यह फैसला स्पाइस जेट की पॉलिसी के हिसाब से है। इस पॉलिसी के तहत स्पाइस जेट अपने कर्मचारियों की छंटनी नहीं करता है और इसका पालन कंपनी ने कोरोना महामारी के पीक में भी किया। इस फैसले से हमारी आधी फ्लीट को पायलट करने के लिए पर्याप्त संख्या में पायलट्स रहेंगे।

आर्थिक संकट से गुजर रही है एयरलाइन


अपने स्टेटमेंट में एयरलाइन ने यह भी बताया कि एक तकनीकी खराबी आने के बाद बोइंग 737 मैक्स एयरक्राफ्ट दो जानलेवा क्रैश से बचा। इसके चलते मार्च 2019 से नवंबर 2020 के बीच इस एयरक्राफ्ट को ग्राउंड करना पड़ा। एयरलाइन पिछले 4 साल से घाटे में चल रही है। स्पाइसजेट को FY19, FY20, FY21 और FY22 में क्रमशः 316 करोड़ रुपए, 934 करोड़ रुपए, 998 करोड़ रुपए और 1,725 ​​करोड़ रुपए का नेट लॉस हुआ है।

स्पाइसजेट ने स्टेटमेंट में कहा, 'बोइंग 737 मैक्स एयरक्राफ्ट के ग्राउंड होने के बाद 2019 में स्पाइसजेट ने 30 एयरक्राफ्ट अपने बेड़े में शामिल किए। इसके बाद भी एयरलाइन नए पायलट्स को इस उम्मीद में नियुक्त करती रही कि मैक्स जल्द ही फिर से सेवा में शामिल किया जाएगा। लेकिन मैक्स फ्लीट की ग्राउंडिंग बढ़ती ही गई, जिसके चलते स्पाइसजेट के पास जरूरत से ज्यादा पायलट्स हो गए हैं।'

'हालांकि हमें भरोसा है कि यह स्थिति जल्द ही ठीक होगी। हम मैक्स एयरक्राफ्ट को जल्द ही दोबारा सेवा में लेकर आएंगे और सभी पायलट्स फिर नौकरी जॉइन कर सकेंगे। लीव विदाउट पे के दौरान सभी पायलट्स कमर्चारियों को मिलने वाले सभी फायदों के लिए पहले की तरह एलिजिबल रहेंगे।'

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