राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष पद संभालेंगे सांपला

पंजाब में हाशिये पर चल रही बीजेपी को संभालने की कोशिश

वेब खबरिस्तान @ चंडीगढ़। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पद के लिए पंजाब से भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व पार्टी प्रदेश प्रधान विजय सांपला पर भरोसा जताया है। आयोग के पूर्णकालिक अध्यक्ष की नियुक्ति की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के नोटिस जारी करने के एक माह बाद सरकार ने ये फैसला लिया है। राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार है। किसान आंदोलन के कारण पंजाब में हाशिये पर पहुंच चुकी बीजेपी को ये निर्णय कुछ सहारा दे सकता है। भविष्य में भाजपा दलित राजनीति पर ध्यान केंद्रित करती नजर आ रही है।

बीजेपी के लिए बूस्टर

खेती कानूनों के कारण अकाली दल बादल और भाजपा का गठबंधन टूट चुका है। किसान आंदोलन ने पंजाब की सियासी पार्टियों को सिरे से नकार दिया और आंदोलन में अकेले चलने की बात कही। दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में किसी पार्टी के नेता को स्टेज से बोलने की इजाजत नहीं है। वे आंदोलन में हिस्सा लेक सकते हैं, मगर उन्हें बोलने नहीं दिया जाता। इसके अलावा पंजाब में बीजेपी नेताओं का जबरदस्त विरोध हो रहा है।

होशियारपुर में बीते दिनों भाजपा नेता तीक्षण सूद के घर किसानों ने गोबर का ढेर लगा दिया था। मालवा में चुनाव के सिलसिले में गए अकाली नेता मनोरंजन कालिया का किसानों ने घेराव किया था। कालिया को पैलेस के पिछले दरवाजे से किसी तरह निकाला गया था। बीजेपी के सीनियर लीडर्स ने केंद्र में गुहार लगाई थी कि प्रदेश के बारे में कुछ सोचें। सियासी पंडित मानते हैं कि केंद्र सरकार का ये फैसला बीजेपी नेताओं को कुछ राहत देगा। भविष्य में पार्टी की कमान भी दलित नेताओं या फिर विजय सांपला के हाथ भी आ सकती है।

पंजाब में दलित वोट बैंक

पंजाब भर में दलित वोट बैंक का हिस्सा लगभग 31 फीसदी है। भाजपा ये शुरू से जानती है कि मौजूदा लीडरशिप के साथ वह गांवों में तो जाने से रही। किसान आंदोलन ने इस राह को और मुश्किल कर दिया है। अब पूरे आसार हैं कि पार्टी दलित कार्ड खेले। अगर बीजेपी ऐसा करती है तो पंजाब की राजनीति में एक नया बदलाव देखने को मिलेगा। पार्टी आला कमान पंजाब में दलित सीएम बनाने की भी घोषणा कर सकती है पर वहीं सियासी माहिर मानते हैं कि ऐसा सोचना और करना आसान नहीं क्योंकि फिल्हाल प्रदेश पार्टी में उच्च पदों पर बैठे लीडर्स ऐसा हरगिज नहीं चाहेंगे।

सांपला 2014 में बने थे मंत्री

2014 लोकसभा चुनाव जीतने के बाद सांपला को सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री का पद मिला था। वह पंजाब में पार्टी का दलित चेहरा माने जाते हैं। पहली बार होशियारपुर लोकसभा सीट से पहली बार सांसद बने थे। अप्रैल 2016 में उन्हें प्रदेश भाजपा प्रमुख के तौर पर नियुक्त किया था। हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव में सांपला को टिकट नहीं दी गई थी।

अक्टूबर 2020 में पंजाब के जिला मुक्तसर में किसान प्रदर्शन के दौरान सांपला को हिरासत में लिया गया था। आयोग पिछले साल मई से बिना अध्यक्ष और सदस्यों के चल रहा है। विपक्ष लगातार कह रहा है कि दलित समुदाय के लोगों के खिलाफ अत्याचार कथित तौर पर बढ़ रहे हैं। दलित समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए आयोग काम करता है।

अन्य प्रस्तावित सदस्य

  • अरुण हलदर (उपाध्यक्ष), पश्चिम बंगाल में भाजपा के राज्य सचिव
  • अंजू बाला (सदस्य ), उत्तर प्रदेश से पूर्व भाजपा सांसद
  • सुभाष पारधी (सदस्य ), भाजपा नेता

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