Chandigarh में आप पार्टी ने प्रदीप छाबड़ा को सह प्रभारी के पद से हटाया, जाने अब किसे दी जिम्मेदारी

Chandigarh में आप पार्टी ने प्रदीप छाबड़ा को सह प्रभारी के पद से हटाया

Chandigarh में आप पार्टी ने प्रदीप छाबड़ा को सह प्रभारी के पद से हटाया



हाईकमान को स्पष्ट कर दिया था कि मैं आम वॉलिंटियर के तौर पर काम करना चाहते हूंः प्रदीप छाबड़ा

वेब ख़बरिस्तान। चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी ने बड़ा बदलाव किया है। दरअसल, प्रदीप छाबड़ा को चंडीगढ़ के सह प्रभारी पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह को नया सह प्रभारी बनाया गया है। मालूम हो कि, प्रदीप छाबड़ा पिछले एक साल से चंडीगढ़ आप के राष्ट्रीय सह प्रभारी के पद पर तैनात थे। जब वह कांग्रेस से आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे तो अरविंद केजरीवाल ने उन्हें सह प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी थी। अचानक से प्रदीप छाबड़ा को हटाने और कुलवंत सिंह को सह प्रभारी बनाने से चंडीगढ़ की राजनीति में हलचल शुरू हो गई है। हर नेता और कार्यकर्ता इस बात को जानने का प्रयास कर रहा है कि आखिर प्रदीप छाबड़ा को इस पद से क्यों हटाया गया है।

छाबड़ा को हटाए जाने पर कांग्रेस के कई नेता खुश


बता दें कि, दिसंबर माह में हुए नगर निगम चुनाव में पार्टी की ओर से 14 सीटें जीतने पर क्रेडिट प्रदीप छाबड़ा को दिया जा रहा था। कयास लगाए जा रहे थे कि छाबड़ा को पंजाब में सरकार बनने के बाद कोई जिम्मेदारी दी जा सकती है, लेकिन पार्टी हाईकमान ने उन्हें सह प्रभारी के पद से हटा दिया। इससे छाबड़ा समर्थकों में मायूसी है। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि उन्होंने पार्टी हाईकमान को स्पष्ट कर दिया था कि वह आम वॉलिंटियर के तौर पर काम करना चाहते हैं। वहीं छाबड़ा को हटाए जाने पर कांग्रेस के कई नेता भी खुश है क्योंकि वह सुभाष चावला और पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल पर आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे।

आप के 6 पार्षदों ने भाजपा के साथ मिलकर इस प्रस्ताव पर लगाई थी मुहर

गौरतलब है कि पिछले सदन की बैठक में लायंस कंपनी को दक्षिणी सेक्टरों की सफाई का टेंडर देने का प्रस्ताव पास किया गया था। आप के 6 पार्षदों ने भाजपा के साथ मिलकर इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई थी। इसके बाद से पार्टी हाईकमान नाराज थी। आम आदमी पार्टी के संयोजक प्रेम गर्ग से इस मामले की जांच भी करवाई गई। पार्टी की ओर से जिन 6 पार्षदों ने भाजपा के साथ मिलकर प्रस्ताव को पास करवाया था उनको कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। इन पार्षदों ने अपना जवाब दे दिया है। यह जवाब पार्टी प्रभारी जरनैल सिंह की ओर से पार्टी के आला नेताओं को सौंप दिया गया है। ऐसे में यह भी संभावना जताई जा रही है कि जिन 6 पार्षदों ने लायस कंपनी के प्रस्ताव को पास करवाने का समर्थन किया था उनपर अगले दिनों कोई ना कोई कार्रवाई हो सकती है।

दिसंबर माह में हुए नगर निगम चुनाव पहली बार आम आदमी पार्टी ने लड़ा था, जिसमें आप ने भाजपा और कांग्रेस के मुकाबले में सबसे ज्यादा सीटें जीती थी। पर इस समय चंडीगढ़ की आम आदमी पार्टी में गुटबाजी हावी हो गई है। वहीं आम आदमी पार्टी के स्थानीय संयोजक प्रेम गर्ग इस समय अमेरिका में है।

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