हरीश रावत से मुलाकात के बाद बदले कैप्टन के सुर, दिया बड़ा बयान



कैप्टन ने कहा, हाईकमान जो भी फैसला लेगा हमें मंजूर होगा

वेब ख़बरिस्तान, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में सियासत का मुद्दा गर्माता जा रहा है। पंजाब कांग्रेस में चल रहे घमासान के निपटारे के लिए हरीश रावत मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात करने के लिए चंडीगढ़ पहुंचे। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक कैप्टन ने रावत को मुद्दों से अवगता करवाया और कहा कि हाईकमान जो भी फैसला लेगा वो मंजूर होगा। इसका मतलब साफ है कि कैप्टन ने सिद्धू को पंजाब कांग्रेस प्रधान बनाने के लिए लगभग सहमति दे दी है। 


पहले खबर आई थी कि सिद्धू को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जाएगा, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कैप्टन को ये मंजूर न था इसलिए कैप्टन ने सोनिया गांधी से पहले फोन पर बात की थी और इसके बाद उन्होंने सोनिया गांधी को एक और चिट्ठी लिखकर अपनी नाराजगी जताई। इस बीच खबर ये भी है कि पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत चंडीगढ़ में कैप्टन से मुलाकात कर कलह खत्म करने की कोशिश कर सकते हैं।

पंजाब में सिद्धू और कैप्टन की जंग दिल्ली दरबार तक पहुंच चुकी है। मेल-मुलाकात और मीटिंग का दौर जारी है, लेकिन नेता एक सुर में कह रहे हैं सब ठीक है। घर की बात घर में सुलझा ली जाएगी। ये अलग बात है कि खबरें और नेताओं के बयानों में जमीन आसमान का फर्क है। कैप्टन ने चिट्ठी में आरोप लगाया है कि पार्टी आलाकमान पंजाब सरकार और राज्य की राजनीति में दखल दे रहा है। नेतृत्व के दखल का खमियाजा पार्टी और सरकार दोनों को भुगतना पड़ सकता है।

माना जा रहा है कैप्टन की इस चिट्ठी से पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर नवजोत सिद्धू की ताजपोशी अटक गई है। हालांकि पंजाब कांग्रेस के नेता राजकुमार वेरका ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोनिया गांधी को जो चिट्ठी लिखी है, वो एक सियासी नोट है कि किस-किस को जगह दी जानी चाहिए। ये सलाह है। इसे शिकायत के तौर पर लेना ठीक नहीं है।

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