दुधारू जानवरों में आई लंपी स्किन बीमारी से डरे जालंधर के लोग, बीमारी पर जल्द काबू नहीं पाया तो दूध की सप्लाई पर होगा असर

पंजाब में भी लंपी स्किन बीमारी का असर व्यापक तौर पर अभी नहीं हुआ है

पंजाब में भी लंपी स्किन बीमारी का असर व्यापक तौर पर अभी नहीं हुआ है



पंजाब में लंबी स्किन बीमारी का असर दूध की सप्लाई पर दिखने लगा है

वेब खबरिस्तान। पंजाब में लंबी स्किन बीमारी का असर दूध की सप्लाई पर दिखने लगा है। हालांकि हालात अभी पूरी तरह से बेकाबू नहीं हुए हैं लेकिन आम जनता ने खुले में बिकने वाले डेयरी के दूध को छोड़कर पैकेट बंद ब्रांडेड कंपनियों के दूध को तवज्जो देना ज्यादा शुरू कर दिया है और कुछ लोग मिल्क पाउडर पर भी डाइवर्ट हो रहे हैं। डेयरी मालिकों के मुताबिक उनकी दूध की बिक्री पर भी असर पड़ा है और जो दूध का उत्पादन भी थोड़ा कम हुआ है।

हालांकि डेयरी से दूध लेने वाले कुछ लोग अभी भी ये मानते हैं कि पशुओं को बीमारियां होती रहती हैं और ऐसे लोग अभी भी खुला दूध ले रहे हैं।


जालंधर में जब हालात का जायजा लिया तो ज्यादातर लोगों ने कहा कि वो पहले से ही पैकेट बंद ब्रांडेड दूध लेते हैं क्योंकि ये दूध प्रोसैस्ड होकर ही पैक किया जाता है। लोगों ने कहा कि उन्हें पहले से ही खुले दूध पर भरोसा नहीं है और कई बार खुले में बिकने वाले दूध में मिलावट होती है और इस बार लंपी स्किन बीमारी का भी प्रभाव पशु पर है। इसी वजह से वो प्रोसैस्ड करके पैक किया गया पैकेज्ड ब्रांडेड मिल्क ही खरीद रहे हैं और मानते हैं कि यही दूध उनकी सेहत के लिए ठीक है।

ये कहना है एक्सपर्ट्स का -

एक्सपर्ट्स का कहना है कि लंपी स्किन बीमारी का जो वायरस है वो दूध के माध्यम से इंसानों तक नहीं पहुंच सकता लेकिन फिर भी लोग सावधानी बरतते हुए जो भी दूध मार्केट से ले उसे अच्छी तरह से उबालकर ही इस्तेमाल करें। एक्सपर्ट्स ने भैंस जैसे जानवरों के मीट का इस्तेमाल करने वाले लोगों को आगाह किया है कि मीट का इस्तेमाल सावधानी से करें और मीट के इस्तेमाल से कुछ दिनों तक बचें। एक्सपर्ट्स ने कहा कि लंपी स्किन बीमारी की वजह से आने वाले दिनों में दूध की सप्लाई पर सीधा असर पड़ेगा क्योंकि इस बीमारी से ग्रस्त पशु खाना खाना छोड़ देता है और दूध भी देना बंद कर देता है और इस वजह से दूध के उत्पादन पर असर पड़ सकता है और मिलावटी दूध का इस्तेमाल बढ़ सकता है। ऐसे में आने वाले कुछ दिनों में लोग सावधानी बरतें।

पंजाब में भी लंपी स्किन बीमारी का असर व्यापक तौर पर अभी नहीं हुआ है। हालांकि राजस्थान की सीमा से सटे कुछ जिलों में इस बीमारी के असर की वजह से कुछ गायों और भैंसों की मौत हुई है। लेकिन पंजाब सरकार का दावा है कि तमाम दुधारू पशुओं के लिए एंटी-वायरस इंजेक्शन और दवाओं का प्रबंध कर दिया गया है और कोशिश की जा रही है कि इस वायरस को फैलने से रोका जाए और फिलहाल पंजाब में दूध की सप्लाई पर भी कोई खास असर देखने को नहीं मिला है।

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