शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान का हुआ देहांत, लंबे समय से चल रहे थे बीमार

 पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी

पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी



उनके जनाजे की नमाज शुक्रवार को रात 8: 30 बजे फील्ड गंज चौक पुरातन जामा मस्जिद के बाहर अदा की जाएगी।

वेब ख़बरिस्तान,लुधियाना। पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी का वीरवार देर रात देहांत हो गया। पिछले काफी समय से वे बीमार चल रहे थे। उन्हें कल ही क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। देर रात उन्होंने आखिरी सांस ली। उनके जनाजे की नमाज शुक्रवार को रात 8: 30 बजे फील्ड गंज चौक पुरातन जामा मस्जिद के बाहर अदा की जाएगी।

परिवार ने आजादी के लिए अपना बहुमूल्य योगदान दिया

शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान स्वतंत्रता सेनानी परिवार से थे और उनके परिवार ने आजादी के लिए अपना बहुमूल्य योगदान दिया। उनके देहांत पर कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु, सांसद रवनीत सिंह बिट्टू, विधायक सुरिंदर डावर, विधायक राकेश पांडे, मेयर बलकार सिंह संधू व अन्य नेताओं ने शोक जताया है।

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शाही इमाम को अध्यात्मिक शख्सियत कहा


शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी के देहांत पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शोक जाहिर करते हुए कहा कि वे आध्यात्मिक शख्सियत थे। उन्होंने हमेशा भाईचारक सांझ, प्यार और एकता का प्रचार किया। उन्होंने समाज के लिए किए जो काम किया इसके लिए उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा।

तीन तलाक कानून का विरोध किया था

मौलाना हबीब उर रहमान सानी, पंजाब में शाही इमाम थे। इसलिए उनके हर आदेश को राज्य भर में मुस्लमान भाईचारे के लोग मानते थे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की ओर से लाए गए तीन तलाक कानून का विरोध किया गया था। उन्होंने तीन कृषि कानूनों का भी विरोध किया था। उनके बीमार होने के कारण उनके बेटे नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ही कामकाज देख रहे थे।

नमाज पुरातन जामा मस्जिद के बाहर पढ़ी जाएगी

शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी के देहांत के बाद उनके जनाजे की नमाज देर शाम पुरातन जामा मस्जिद के बाहर पढ़ी जाएगी। पूरे प्रदेश की मस्जिदों के मौलवी, प्रधान को आादेश दिए गए हैं कि जुम्मे की नमाज के समय उनके लिए दुआ की जाए और जनाजे की नमाज से एक घंटा पहले ही लोग यहां पहुंच जाएं। उनके जनाजे की नमाज में पंजाब के हजारों मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल होंगे।

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