commonwealth games में वेटलिफ्टर विकास ठाकुर ने सिल्वर जीत मूसेवाला के अंदाज में की सेलिब्रेशन, सिद्धू मूसेवाला की मौत पर 3 दिन नहीं खाया था खाना

पिता बृजराज ने बताया कि विकास की शिक्षा पंजाब की ही है

पिता बृजराज ने बताया कि विकास की शिक्षा पंजाब की ही है



विकास ठाकुर लुधियाना के रहने वाले है जो जालंधर बाईपास नजदीक एल्डेको में होम्स में रहते है।

वेब खबरिस्तान। इंग्लैंड के बर्मिंघम में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG-2022) में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीतने वाले विकास ठाकुर ने कामनवेल्थ गेम्स में हैट्रिक पूरी की। उन्होंने जहां देश का नाम रोशन किया वहीं उन्होंने अपनी मां की मुराद भी पूरी कर दी। दरअसल कामनवेल्थ गेम्स में जाने से पहले विकास ठाकुर ने अपनी मां से वादा किया था कि मां के जन्म दिवस पर उसका फाइनल होगा और आज उसी दिन मां आशा ठाकुर की झोली में मेडल डाल उनकी मुराद पूरी की।

विकास ठाकुर लुधियाना के रहने वाले है जो जालंधर बाईपास नजदीक एल्डेको में होम्स में रहते है। माता आशा ठाकुर ने कहा कि आज मुझे गर्व है अपने बेटे पर। उन्होंने कहा कि मैनें बेटे से एक ही बात कही थी कि मुझे मेरे जन्म दिवस पर गिफ्ट में बस एक मेडल ला देना चाहे कोई भी हो।


विकास ने पहले 2014 में सिल्वर, 2018 में कांस्य और अब 2022 में सिल्वर जीत कर देश का नाम रौशन कर दिया।

7 वर्ष की आयु से शुरू कर दी थी प्रक्टिस

विकास ठाकुर के पिता बृजराज बताते है कि वह रेलवे में सर्विस करते है। 3 वर्ष की आयु का था विकास जब वह हिमाचल छोड़ पंजाब में बस गए। काफी वर्ष उन्होंने रेलवे स्टेशन के सामने बनी रेलवे कालोनी में बिताए।

पिता बृजराज ने बताया कि विकास की शिक्षा पंजाब की ही है। विकास ने नौहरिया मल्ल जैन स्कूल भारत नगर चौक, सीमिट्री रोड़ स्कूल, पी.ए.यू और एस.डी.पी स्कूल में 12वीं की। वहीं कालेज की पढ़ाई खालसा कालेज में की। विकास की प्रेक्टिस उन्होंने घर से शुरू करवाई। घर पर 70 किलो का वेट लाकर दिया। वहीं लुधियाना में कोच परवेश शर्मा है ने उन्हें खूब मेहनत करवाई।  विकास ने आज 197 का अपना रिकार्ड तोड़ने के लिए 198 वेट डाला था लेकिन रिकार्ड नहीं टूटा पर वो आगे मेहनत जारी रखेगा।

मूसेवाला की मौत पर तीन दिन नहीं खाया था खाना

खिलाड़ी विकास ठाकुर के पिता बताते है कि विकास सिद्धू मूसेवाला का फेन है। उसी के गाने वह ज्यादा सुनता रहा है। जिस दिन मूसेवाला का कत्ल हो गया उस दिन वो बहुत मायूस हुआ और कम से कम 3 दिन विकास ने खाना तक नहीं खाया। आज भी जब विकास ने सिल्वर मेडल जीता है तो उसने ये मेडल मूसेवाला के अंदाज में जांघ पर थापी मार कर उसे याद किया है।

बेहतरीन प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ट्वीट किया और विकास ठाकुर और उसके परिवार को बधाई दी। 

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