अब पंजाब के सरकारी स्कूलों के मुखी जायेंगे स्विट्ज़रलैंड, फ़िनलैंड, सिगापुर, सीएम मान ने किया ऐलान, पढ़ें पूरी खबर

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि अभी हमारा पंजाब शिक्षा क्षेत्र में बहुत पीछे है

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि अभी हमारा पंजाब शिक्षा क्षेत्र में बहुत पीछे है



पंजाब की शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए सरकारी स्कूल के प्रिंसिपलों से बैठक की

वेब खबरिस्तान, जालंधर। मुख्यमंत्री भगवंत मान मंगलवार को दूसरी बार लुधियाना पहुंचे। उन्होंने व शिक्षा मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर ने पंजाब की शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए सरकारी स्कूल के प्रिंसिपलों से बैठक की। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि अभी हमारा पंजाब शिक्षा क्षेत्र में बहुत पीछे है। हमें जरूरत है पंजाब को डिजिटल शिक्षा स्तर पर ले जाने की। स्कूल की इमारतें बनाने या रंग करने से शिक्षा का स्तर ऊंचा नहीं होगा। हमें दिल्ली मॉडल के तहत शिक्षा प्रणाली बनानी पड़ेगी। दिल्ली में एक जिले में 450 बच्चे नीट पास कर रहे हैं, क्योंकि वहां की शिक्षा प्रणाली मजबूत है। बड़े-बड़े अधिकारियों के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ रहे है। हमें अपनी सोच बदलनी पड़ेगी और सरकार के साथ मिलकर शिक्षा प्रणाली को बेहतर करना पड़ेगा।

पंजाब के बच्चों में भरपूर टैलेंट 

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब को नशे की दलदल से निकाल कर 'पढ़ता पंजाब' बनाना है। पंजाब के बच्चों में टैलेंट बहुत है, लेकिन पिछली सरकारों ने बच्चों पर ध्यान नहीं दिया। बच्चे पंजाब का भविष्य है। हमें विदेशों में जा रहे अपने यूथ को रोकना है। पंजाब में रोजगार पैदा करने है। पंजाब में कई ऐसे अध्यापक भी हैं जिन्होंने सरकार की मदद के बिना ही अपने इलाके के स्कूलों को बेहतरीन बनाया है।


मुख्यमंत्री मान ने कहा कि जिस देश की शिक्षा प्रणाली बेहतर होगी उस देश में पंजाब के अध्यापकों और प्रिंसिपलों के 70 से 80 सदस्यों का ग्रुप बनाकर ट्रेनिंग लेने और वहां के सिस्टम को समझने के लिए भेजा जाएगा। उन्हें स्विट्ज़रलैंड, फ़िनलैंड, सिंगापुर आदि भेजा जायेगा। पंजाब के अध्यापकों पर हमें इतना विश्ववास है कि वो पंजाब के बच्चों को देश के टॉपर बनाने का दम रखते है। बच्चों की जिंदगी में अध्यापक ही उसका रोल माडल होता। बच्चों के माता-पिता को भी बच्चों के बारे इतना नहीं पता होता जितना बच्चे के अध्यापक को उसके बारे पता रहता।

CM मान ने कहा कि सरकारी स्कूल के बच्चों में अंक प्रतिशत की दौड़ को मुख्य न रखा जाए। बच्चों में आत्मविश्वास लाया जाए। पंजाब के सरकारी स्कूल में पढ़ा बच्चा दुनिया के किसी भी मंच पर बेबाक होकर बात कर सके इस तरह का आत्मविश्वास बच्चों में अध्यापक भरे। स्कूल में नए आरओ लगाना या पंखे-कूलर लगाने से शिक्षा स्तर ऊंचा नहीं होगा। शिक्षा प्रणाली को बेहतर करने के लिए अध्यापकों को बच्चों के दिमाग में उतरना होगा। 

CM मान ने कहा कि अध्यापक शिक्षा प्रणाली को बेहतर करने के लिए आइडिया शेयर पोर्टल भी लॉन्च किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अध्यापक इस पोर्टल पर अपने सुझाव दे कि किस तरह सरकार शिक्षा प्रणाली को बेहतर करे ।

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