फर्स्ट टाइम चांद पर कार रेसिंग करेंगे स्कूल के बच्चे

car race on moon

अक्टूबर 2021 में हाईस्कूल के लिए होगी रेस, आएगा 74 करोड़ रुपए का खर्च

वेब डेस्क @wk

दुनिया में पहली बार चांद पर रिमोट कंट्रोल कार रेसिंग होने जा रही है। यह रेस अगले साल 2021 अक्टूबर में होगी। चांद पर होने वाली इस कार रेसिंग में अंतरिक्ष वैज्ञानिक नहीं बल्कि हाईस्कूल के स्टूडैंट्स भाग लेंगे। स्पेस एक्स के रॉकेट फाल्कन-9 के जरिए दो रोबोटिक कारें चांद की सतह पर भेजी जाएंगी। जिसका आयोजन एलन मस्क की स्पेस एक्स कंपनी की मदद से अमेरिका की एयरोस्पेस कम्पनी मून मार्क करने जा रही है।

4 प्वाइंट्स पर आधारित होगी रेसिंग

2.5 किलो से ज्यादा नहीं होगा कार का वजन
चांद की सतह पर उतारी जाने वाली कार का वजन 2.5 किलो से ज्यादा नहीं होगा। स्पेस एक्स के ही लैंडर नोवा-सी के जरिए 2.5-2.5 किलो वजनी दोनों कारों को सतह पर उतारा जाएगा। फिलहाल यह रेस का शुरु आती चरण है। धरती से वाईफाई और टेलीमेट्री के जरिए कारें कंट्रोल की जाएंगी।

मून मार्कने फिलहाल इस रेस के ट्रैक और लागत के बारे में खुलासा नहीं किया है। लेकिन कहा जा रहा है कि हाईटेक कार चांद पर कम ग्रेविटी वाले हिस्से में रेस लगाई जाएगी। कहा जा रहा है किलूनर सर्किट ट्रैक की डिजाइनिंग का जिम्मा जाने-माने जर्मन इंजीनियर हर्मेन टिल्के को दिया गया है।

दो विजेता करेंगे मुकाबला

दुनियाभर से हाईस्कूल्स की टीमें इस प्रतियोगिता के लिए चुनी जानी है। सभी ग्रुपों में पांच-पांच सदस्य होंगे। अंतिम दौर तक पहुंचने वाली छह टीमों के बीच मुकाबला होगा। उनमें से सिर्फ दो विजेता चांद पर रेसिंग करे सकेंगे। इसमें विजेता रहने वाले स्टूडैंट्स को हाइिब्रड स्पोर्ट्स कार ‘मैक्लेरेन पी-1’ के डिज़ाइनर फ्रेंक स्टीफेन्सन के साथ मिलकर एक और कार डिजाइन करने का मौका मिलेगा।

अक्टूबर 2021 से पहले मून मार्क इस पूरी प्रक्रि या और प्रयोगों को कैमरे में कैद करेगी। जिसे बाद में में कारों का उत्पादन और वैश्विक रूप से वितरण करने में इस्तेमाल किया जाएगा। फिल्हाल इस प्रतियोगिता में 74 करोड़ रु पए का खर्च आने की संभावना है।

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