Internet Explorer Graveyard: दुनिया के इस शहर में बनी इंटरनेट एक्सप्लोरर की कब्र



15 जून को माइक्रोसॉफ्ट द्वारा इंटरनेट एक्सप्लोरर ब्राउज़र को बंद कर दिया गया, जिसके बाद दक्षिण कोरियाई इंजीनियर ने एक कब्र बना डाली

खबरिस्तान नेटवर्क: 15 जून को माइक्रोसॉफ्ट द्वारा इंटरनेट एक्सप्लोरर ब्राउज़र को बंद कर दिया गया। जिसके बाद विश्व भर के लोगों ने अपनी अलग अलग प्रतिक्रियाएं दी। लेकिन एक शख्स ने तो कमाल ही कर डाला। दरअसल इंटरनेट एक्सप्लोरर ब्राउज़र के बंद होने के बाद दक्षिण कोरिया के एक शख्स जो पेशे से माइक्रोसॉफ्ट इंजीनियर है उसने इंटरनेट एक्सप्लोरर ब्राउज़र के नाम एक कब्र बना डाली।

कब्र की तस्वीरें हुई वायरल

माइक्रोसॉफ्ट द्वारा इंटरनेट एक्सप्लोरर ब्राउज़र को हाल ही में बंद करने के बाद, एक दक्षिण कोरियाई इंजीनियर ने इसके लिए एक कब्र बनाई, जिसकी तस्वीरें तेजी से वायरल हुईं। ब्राउज़र की “मौत” के सम्मान में, 38 वर्षीय इंजीनियर कियॉन्ग जंग द्वारा दक्षिण कोरिया के दक्षिणी शहर ग्योंगजू में एक कैफे की छत पर अपने हस्ताक्षर “ई” लोगो के साथ चिह्नित एक ग्रेवस्टोन स्थापित किया गया था।

कब्र पर लिखा है ये

कब्र बनने के साथ ही इस पर कुछ खास लिखा गया है और वह है, “वह अन्य ब्राउज़रों को डाउनलोड करने के लिए उपयोग करने के लिए एक अच्छा उपकरण था।

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