पंजाब और चंडीगढ़ में शीतलहर और घने कोहरे का प्रकोप लगातार जारी है। मौसम विभाग ने गुरुवार को भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कड़ाके की ठंड के चलते अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें लुधियाना में दो और गुरदासपुर में ठंड से बीमार एक महीने के बच्चे की मौत शामिल है।
बढ़ती ठंड और धुंध को देखते हुए पंजाब सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों में छुट्टियां 13 जनवरी तक बढ़ा दी हैं। बुधवार को शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि लगातार गिरते तापमान और कोहरे के कारण बच्चों और स्कूल स्टाफ की सेहत व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, अब रात के साथ-साथ दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस तक गिरा है, जो सामान्य से 6.1 डिग्री कम है। लोहड़ी (13 जनवरी) तक कोहरे को लेकर यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस बठिंडा में दर्ज किया गया। अमृतसर में कोल्ड-डे की स्थिति बनी रही, जबकि पटियाला, बठिंडा और हलवारा में दृश्यता बेहद कम रही, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जालंधर में भी आज हल्की धुंध छाई रही।
गुरदासपुर में ठंड से नवजात की मौत
गुरदासपुर में ठंड के कारण एक महीने के बच्चे प्रभनूर सिंह को निमोनिया हो गया, जिससे उसकी मौत हो गई। बच्चे के पिता कुलबीर सिंह ने बताया कि रात को बच्चे ने दूध पिया था और ठंड से बचाव के लिए कमरे में हीटर भी चल रहा था। कुछ देर बाद बच्चे के शरीर में कोई हलचल नहीं हुई, जिसके बाद उसे तुरंत कलानौर के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
CHC के चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. ने ठंड के कारण बच्चे की मौत की पुष्टि की। उन्होंने सलाह दी कि छोटे बच्चों को गर्म कपड़ों में लपेटकर मां की गोद में रखना चाहिए, सोते समय बच्चों को दूध नहीं पिलाना चाहिए और जरूरत होने पर मां का दूध ही पिलाएं। साथ ही, बच्चों को ठंड से बचाने के लिए कमरे को पर्याप्त रूप से गर्म रखना जरूरी है।