जालंधर में गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले देश विरोधी नारे लगाए गए। दल खालसा और शिरोमणि अकाली दल की तरफ़ से आज पैदल रोष मार्च निकाला गया। जानकारी देते हुए नेता की तरफ़ से कहा गया कि गणतंत्र दिवस के विरोध में यह रोष मार्च निकाला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाए है कि पिछले 70 सालों में पंजाब के हक इसी सविंधान के जरिए छीने गए है।
सिखों से यह भी छीन लिया गया है कि वह सिख नहीं है, वह केशधारी हिंदू है। उन्होंने कहा कि काफी समय बीत जाने के बाद सिखों ने इस सविंधान को अपनाया। इस दौरान उन्होंने पानी सहित कई पंजाब के हक छीनने के आरोप लगाए। जो इस देश से अलग होना चाहता है, उन पंजाब और विदेश में निशाना बनाया जा रहा है। वहीं पंजाब के यूएपीए और एनएस के तहत कई जवान जेल में बंद किए गए। इस दौरान पंजाब में बंदी जत्थेबंदी की रिहाई नहीं की जा रही।
दुनिया में एक कानून है जिसमें लोगों को स्वंय निर्णय का अधिकार होना चाहिए, जिसमें लोगों ने इस अधिकार में रहना है या नहीं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को यह अधिकार भी नहीं मिल रहा, जिसके चलते वह इस गणतंत्र दिवस के जश्न को मनाना नहीं चाहते। इस दौरान उन्होंने हाथों में तख्तियां पकड़कर कहा कि पंजाब की आजादी ही एक हल है। इसी को लेकर यह रोष मार्च निकाला जा रहा है।
आज जालंधर, मानसा और गुरदासपुर में रोष मार्च निकाला जाना था, लेकिन जालंधर को छोड़कर अन्य दोनों जिलों में उनकी जत्थेबंदियों के नेताओं को नजरबंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जेल में बंंद सासंद अमृतपाल सिंह को लेकर कहा कि जिन्हें लोगों को जीत दर्ज करवाई है, उन्हें जेल में बंद किया गया है।