ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर के पूर्व आईजी और ओलंपियन हॉकी खिलाड़ी दविंदर सिंह गरचा का आज पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। तीन दिन पहले दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया था। उनके पंचतत्व में विलीन होते ही खेल और प्रशासनिक जगत ने एक साथ एक बड़ा नाम खो दिया।
अंतिम संस्कार में पहुंचे राजनीतिक और सामाजिक नेता
दविंदर सिंह गरचा के अंतिम संस्कार में राजनीतिक, सामाजिक और खेल जगत से जुड़े कई प्रमुख लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। सेंट्रल हलके के एक नेता ने कहा कि उनका गरचा साहब से गहरा मित्रता का रिश्ता था और वे अक्सर विभिन्न मुद्दों पर उनसे चर्चा किया करते थे। उन्होंने बताया कि बीमारी के दौरान वे उनसे मिलने भी गए थे और तब उनकी हालत में सुधार हो रहा था, लेकिन अचानक हुए निधन से सभी स्तब्ध रह गए।
हॉकी जगत के लिए अपूरणीय क्षति
नेताओं और खेल से जुड़े लोगों ने कहा कि दविंदर सिंह गरचा का निधन केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि भारतीय हॉकी के लिए बड़ी क्षति है। वे हमेशा हॉकी के विकास और भविष्य को लेकर गंभीर रहते थे और खिलाड़ियों के साथ लगातार संवाद में रहते थे। उनके अनुसार गरचा सहित कई वरिष्ठ खिलाड़ियों ने पंजाब और देश में हॉकी की मजबूत नींव रखी थी।
1980 मास्को ओलंपिक के स्वर्ण विजेता रहे गरचा
दविंदर सिंह गरचा 1980 के मास्को ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के अहम सदस्य रहे थे। उन्होंने ओलंपिक में खेले गए छह मुकाबलों में आठ गोल दागकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा और उन्होंने सीमित टूर्नामेंटों में भी कई निर्णायक गोल किए।
IPS अधिकारी के रूप में भी बनाई अलग पहचान
खेल करियर के बाद दविंदर सिंह गरचा ने भारतीय पुलिस सेवा में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। वे पंजाब पुलिस में आईजी पद से सेवानिवृत्त हुए थे और अपनी ईमानदारी, अनुशासन और सख्त प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाने जाते थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका खेल से जुड़ाव बना रहा और वे युवाओं को हॉकी से जोड़ने के लिए सक्रिय रहे।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने रहे
गरचा साहब प्रसिद्ध मोहित सिंह मुंशी हॉकी टूर्नामेंट के अध्यक्ष भी रहे और लंबे समय तक खेल गतिविधियों से जुड़े रहे। उनके निधन पर सुरजीत हॉकी कमेटी समेत कई खेल संस्थाओं और पूर्व ओलंपियनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने उन्हें भारतीय हॉकी के स्वर्णिम दौर का मजबूत स्तंभ बताया।