ख़बरिस्तान नेटवर्क : बठिंडा में पक्का मोर्चा लगाने जा रहे किसानों को पुलिस ने बरनाला में रोक लिया। जिस कारण पुलिस और किसानों के बीच झड़प देखने को मिली। इस दौरान किसानों को भगाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज का इस्तेमाल भी किया। जिसके बाद मौके पर काफी ज्यादा बवाल देखने को मिल रहा है।
पुलिस ने सुबह 4 बजे घरों में नजरबंद किए नेता
बता दें कि बीकेयू उगराहां के नेता बिट्टू मल्लन और गुरुसर इकाई के महासचिव जसविंदर सिंह धालीवाल को पुलिस ने सुबह लगभग चार बजे उनके घरों में ही नजरबंद कर लिया। इस मौके पर नेताओं ने कहा कि सरकार इस तरह की कार्रवाइयों से किसानों की आवाज को दबा नहीं सकती। उन्होंने दावा किया कि जत्थेबंदी अपने हकों की लड़ाई डटकर लड़ती रहेगी और लोकतांत्रिक ढंग से संघर्ष जारी रहेगा।
किसान नेता की रिहाई की मांग
यूनियन नेताओं ने बताया कि पूरा संघर्ष बलदेव सिंह चाऊके और सगनदीप सिंह जिउंद की रिहाई को लेकर है, जो पिछले नौ महीनों से बठिंडा जेल में बंद हैं। यूनियन का आरोप है कि दोनों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं। नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक रिहाई नहीं होती, तब तक पक्का मोर्चा जारी रहेगा।



