ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर मॉडल टाउन में लक्की ओबरॉय मर्डर केस में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। अब इसमें एक और खुलासा हुआ है कि गैंगस्टर जोगा फोलड़ीवाल ने लक्की ओबरॉय को पहले धमकी दी थी। जिसके बाद मर्डर करने की पूरी प्लानिंग की गई और फिर हत्या की गई। हालांकि लक्की ओबरॉय और जोगा फोलड़ीवाल कभी आपस में गहरे दोस्त थे और एक-दूसरे का बर्थडे भी मनाते थे। तो आईए जानते हैं कि कैसे दो गहरे दोस्त आपस में दुश्मन बन गए।
इस कारण टूटी गहरी दोस्ती
लक्की और जोगा आपस में काफी गहरे दोस्त थे, यहां तक कि दोनों एक-दूसरे का बर्थडे जरूरी मनाते थे। सोशल मीडिया पर दोनों ने एक-दूसरे के साथ कई फोटोज भी शेयर करते थे। जोगा के चाचा गुरविंदर बाबा के साथ भी लक्की के अच्छे रिलेशन थे। पर बाद में लक्की के दोस्त पर हमला करवाने के आरोप लगे।
जिसके बाद लक्की और जोगा में अनबन होने लगी। जिसके बाद जोगा ने अपनी गैंग बदल ली और सोनू खत्री से हाथ मिला लिया और अमेरिका चला गया। इसी के बाद से ही दो गहरे दोस्तों के बीच दुश्मनी खुलकर सामने आने लगी।
लक्की की राजनीति में एंट्री, प्रधानगी बनी मौत की वजह
लक्की ओबरॉय ने 2022 के करीब आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। इस दौरान वह जालंधर में पार्टी के कामों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने लगे। इससे मीडिया और सोशल मीडिया पर लक्की लाइमलाइट में रहने लगे। जब उन्होंने खालसा कॉलेज का प्रधान अपनी मर्जी से लव नाम के युवक को चुना तो दोनों में दुश्मनी बढ़ गई।
इसके बाद लक्की को 25 दिसंबर 2025 को जोगा फोलड़ीवाल ने जान से मारने की धमकी दी। इस धमकी को लक्की ओबरॉय ने नज़रअंदाज कर दिया। पर धमकी मिलने के डेढ़ महीने के अंदर ही जोगा फोलड़ीवाल ने मॉडल टाउन गुरुद्वारे के बाहर ही लक्की ओबरॉय की गोलियां मारकर हत्या करवा दी।