पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का शनिवार आधी रात से शुरू होने वाला नीदरलैंड और चेक गणराज्य का प्रस्तावित विदेश दौरा अनिश्चितता के घेरे में आ गया है। केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने अब तक इस आधिकारिक यात्रा के लिए ‘पॉलिटिकल क्लीयरेंस’ नहीं दी है, जिसके चलते पूरा कार्यक्रम खतरे में पड़ गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक सप्ताह के यूरोप दौरे पर 25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करना था। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य पंजाब में निवेश को बढ़ावा देना और विदेशी कंपनियों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित करना था। सूत्रों के अनुसार, नीदरलैंड में भारतीय दूतावास ने वहां के बड़े उद्योगपतियों के साथ बैठकों का शेड्यूल भी तय कर लिया था, लेकिन राजनीतिक मंजूरी न मिलने के कारण अब यह पूरा कार्यक्रम अटक गया है।
केंद्र से नहीं मिली राजनीतिक मंजूरी
यह पहला मौका नहीं है जब मुख्यमंत्री के विदेशी दौरे में अड़चन आई हो। इससे पहले इसी साल जनवरी में भी विदेश मंत्रालय ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को ब्रिटेन और इजरायल जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इस बार भी पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा मुख्यमंत्री के साथ विदेश दौरे पर जाने वाले थे। राजनीतिक मंजूरी न मिलने के चलते मुख्यमंत्री के इस अहम दौरे को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।