पंजाब पुलिस कल ऑपरेशन प्रहार 2.0 शुरू करने जा रही है, जो लगातार 72 घंटे तक चलेगा। इस अभियान का उद्देश्य पंजाब को गैंगस्टर और अपराध मुक्त बनाना है। ऑपरेशन को लेकर पूरी एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार कर ली गई है और सीनियर अधिकारियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रविवार को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि जो भी अपराध करेगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। विदेश में बैठे गैंगस्टरों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया केंद्र सरकार के माध्यम से शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही सीनियर पुलिस अधिकारियों की परफॉर्मेंस का भी रिव्यू किया जाएगा।
डीजीपी ने बताया कि इससे पहले ऑपरेशन प्रहार फेज-1 20 जनवरी से चलाया गया था, जिसमें 5,290 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 2,973 लोगों की प्रिवेंटिव डिटेंशन हुई। वहीं पूछताछ के बाद 5,413 लोगों को छोड़ दिया गया था।
12 हजार पुलिसकर्मी होंगे तैनात
ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत करीब 12 हजार पुलिसकर्मी फील्ड में उतरेंगे, जिनकी 2 हजार टीमें बनाई गई हैं। वांटेड क्रिमिनलों की सूची तैयार कर ली गई है और सीनियर अधिकारी खुद फील्ड में जाकर कार्रवाई की निगरानी करेंगे। स्टाफ की कमी पूरी करने के लिए नॉन-कोर ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को थानों और फील्ड ड्यूटी में लगाया जाएगा।
थानों को मिलेगा मजबूत वायरलेस सिस्टम
डीजीपी ने बताया कि सभी थानों को जिला कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। थानों में तैनात पुलिसकर्मियों को वॉकी-टॉकी सिस्टम उपलब्ध कराया जा रहा है। किसी भी घटना के बाद तुरंत एक्शन प्लान बनेगा और डिजिटल बोर्ड पर यह तय किया जाएगा कि किस इलाके या पूरे जिले को सील करना है, ताकि पीसीआर और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच सके।



