पंजाब पुलिस की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार 2.0 का आज, 10 फरवरी, दूसरा दिन है। इस ऑपरेशन के तहत आज भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी फील्ड में तैनात रहेंगे और नशा तस्करों व गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस की सख्ती का असर पहले ही दिन देखने को मिला, जब लुधियाना के खन्ना में पंजाबी सिंगर परमजीत कौर को नशे के साथ गिरफ्तार किया गया, जबकि मोहाली में बीएमडब्ल्यू कार सवार दो लोगों को नशे समेत पकड़ा गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत अब तक 1200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। डीजीपी गौरव यादव ने साफ शब्दों में कहा है कि गैंगस्टरों और नशा तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और यह कार्रवाई पूरी सख्ती के साथ आगे भी जारी रहेगी।
पुलिस ने ड्रोन तकनीक का भी सहारा लिया
इस बार ऑपरेशन की खास बात यह है कि पुलिस ने ड्रोन तकनीक का भी सहारा लिया है। हाई-राइज इमारतों वाले इलाकोंजैसे मोहाली, लुधियाना और जालंधर में अक्सर दबिश के दौरान आरोपी इमारतों के ऊपरी या निचले हिस्सों से फरार हो जाते हैं। इसे रोकने के लिए अब ड्रोन के जरिए निगरानी कर अपराधियों को पकड़ा जा रहा है।
वाहन चेकिंग पर विशेष फोकस
डीजीपी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वाहन चेकिंग पर विशेष फोकस रखा जा रहा है। इसका असर मोहाली के खरड़ इलाके में देखने को मिला, जहां बीएमडब्ल्यू सवार दो युवकों से हेरोइन बरामद की गई। पुलिस का कहना है कि इसी तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
उधर, ऑपरेशन प्रहार की तपिश विदेशों में बैठे गैंगस्टरों तक भी पहुंची है। पुलिस कार्रवाई से घबराए गैंगस्टरों ने सोशल मीडिया पर भ्रामक बयानबाजी और पोस्ट डालकर ऑपरेशन को डिरेल करने की कोशिश की, हालांकि डीजीपी गौरव यादव ने साफ किया है कि पुलिस किसी भी दबाव में नहीं आएगी और ऑपरेशन पूरी ताकत से जारी रहेगा।
गौरतलब है कि ऑपरेशन प्रहार 2.0 ऐसे समय में चलाया जा रहा है, जब हाईकोर्ट ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार से जवाब तलब किया हुआ है। मोहाली में एसएसपी कार्यालय पर हमले और चंडीगढ़ में आप नेता की हत्या के मुख्य आरोपी अभी तक फरार हैं। ऐसे में सरकार और पुलिस पर विपक्ष का दबाव भी लगातार बना हुआ है, जिसके चलते इस ऑपरेशन को बेहद अहम माना जा रहा है।
बता दें कि ऑपरेशन प्रहार का पहला चरण 20 जनवरी को शुरू हुआ था। उस दौरान 12 हजार से अधिक लोगों पर कार्रवाई की गई थी, जिसमें 5,290 गिरफ्तारियां, 2,973 प्रिवेंटिव डिटेंशन और 5,413 लोगों से पूछताछ की गई थी।