ख़बरिस्तान नेटवर्क : पंजाब में आज सरकारी बसों में सफर करने वाले यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोडवेज पनबस/पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने बस सेवाएं रोककर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। हालांकि दूसरी ओर यूनियन प्रतिनिधियों और सरकार के बीच बैठक जारी है, जिसके बाद अगली रणनीति तय की जाएगी।
कल CM आवास के घेराव का ऐलान
यूनियन ने घोषणा की है कि 12 फरवरी को मुख्यमंत्री भगवंत मान के संगरूर स्थित आवास का घेराव किया जाएगा। यूनियन का कहना है कि निजीकरण विरोधी प्रदर्शन के दौरान उनके कुछ साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जिन्हें रिहा करने की मांग भी आंदोलन का हिस्सा है।
करीब 7200 बसें खड़ी, व्यवस्था प्रभावित
बताया गया है कि राज्य में रोडवेज के बेड़े में लगभग 7200 बसें शामिल हैं, जिन्हें हड़ताल के चलते रोक दिया गया है। इससे राज्यभर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा है और यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
ये हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें
रोडवेज कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में किलोमीटर स्कीम को बंद करना, ठेका कर्मचारियों को पक्का करना और बेड़े में नई बसें शामिल करना शामिल है। साथ ही प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार साथियों की रिहाई और दर्ज मामलों को रद्द करने की मांग भी उठाई गई है। कर्मचारियों का आरोप है कि कई दौर की बातचीत के बावजूद सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही, जिसके चलते उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा।