पंजाब की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे को समन जारी किया। इसी बीच कांग्रेस ने कैप्टन को पार्टी में वापसी का ऑफर देकर सियासी चर्चाओं को और हवा दे दी।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा कि यदि कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस में लौटना चाहते हैं, तो इस पर पार्टी विचार कर सकती है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान ही करेगा। बघेल ने यह भी माना कि कैप्टन पंजाब की राजनीति के बड़े नेता रहे हैं और उनकी भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता।
ED के समन के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज हो गई कि कांग्रेस से बढ़ती नजदीकियों के कारण ही यह कार्रवाई हुई है, ताकि कैप्टन वापसी से पहले दोबारा सोचें। हालांकि, इस पर कांग्रेस या ED की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
वहीं, कैप्टन की बेटी और पंजाब भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष जय इंदर कौर ने लुधियाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ED का समन पहले भी था और उसका जवाब दिया जा रहा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह कहीं नहीं जा रहे हैं वे भारतीय जनता पार्टी में हैं और भाजपा में ही रहेंगे।
करीब दो महीने पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह जरूर कहा था कि वे आज भी कांग्रेस को मिस करते हैं। उनका कहना था कि कांग्रेस नेताओं ने उनके साथ गलतियां कीं और उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया, इसी वजह से उन्होंने पार्टी छोड़ी। हालांकि, फिलहाल वे भाजपा के साथ हैं और 2027 के चुनाव के लिए तैयार रहने की बात भी कह चुके हैं।



