ख़बरिस्तान नेटवर्क : डॉ. जैस्मिन दाहिया के नेतृत्व में ‘धियां दी लोहड़ी’ के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक भव्य और भावनात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर लोहड़ी का पर्व न केवल पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया, बल्कि समाज में बेटियों के सम्मान और अस्तित्व को लेकर एक सकारात्मक संदेश भी दिया गया।
भावुक कर देने वाला माहौल
आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे दंपतियों ने भाग लिया, जिन्होंने डॉ. दाहिया और नोवा IVF (Nova IVF) के सहयोग से संतान सुख प्राप्त किया है। ढोल की थाप पर माता-पिता अपने नन्हे-मुन्नों को गोद में लेकर थिरकते नजर आए। उपस्थित जनसमूह ने ईश्वर से प्रार्थना की कि सभी नवजात बच्चे स्वस्थ जीवन जिएं और निःसंतान दंपतियों को भी शीघ्र ही माता-पिता बनने का सौभाग्य मिले।
बेटियों का सम्मान मानवता का कर्तव्य: डॉ. जैस्मिन दाहिया
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. जैस्मिन दाहिया ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा: बेटियों का सम्मान करना केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि मानवता का कर्तव्य भी है। हर बच्चा ईश्वर का अमूल्य उपहार है, जो लिंग के भेद से परे है।”
नोवा IVF में उपचार केवल एक मेडिकल प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह विश्वास, संवेदनशीलता और नैतिकता पर आधारित एक यात्रा है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और टीम वर्क
कार्यक्रम के दौरान नोवा IVF के स्टाफ और बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। लोक नृत्य और भांगड़ा ने पूरे माहौल में जोश भर दिया। सेंटर मैनेजर रूपेश चौधरी ने इस सफलता का श्रेय पूरी टीम को देते हुए कहा कि डॉक्टरों, एंब्रायोलॉजिस्ट और स्टाफ का साझा ‘टीम वर्क’ ही दंपतियों के सपनों को साकार करने की सबसे बड़ी ताकत है।
इस अवसर पर डॉ. सोनवंत कौर (IVF विशेषज्ञ), एंब्रायोलॉजिस्ट दहेर कौर और देविका मेनन सहित पूरी टीम उपस्थित रही। कार्यक्रम का समापन लोहड़ी की पवित्र अग्नि के चारों ओर परिक्रमा और सामूहिक प्रार्थना के साथ हुआ।