चंडीगढ़ में शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पूरी कोर कमेटी के साथ चंडीगढ़ स्थित डीजीपी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस प्रशासन से सीधे अपने खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इसी बीच अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल समेत सीनियर नेताओं और डीजीपी गौरव यादव के बीच तीखी बहस होने की जानकारी सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार, अकाली दल के नेता श्री गुरु ग्रंथ साहिब के कथित रूप से गायब 328 स्वरूपों के मामले में अकाली कार्यकर्ताओं पर दर्ज किए जा रहे मामलों को लेकर गहरी नाराजगी जता रहे हैं। इसी मुद्दे पर सुखबीर सिंह बादल ने पहले डीजीपी से मिलने का समय मांगा था, जिसके बाद पूरी कोर कमेटी उनके साथ डीजीपी कार्यालय पहुंची।
अकाली नेताओं ने डीजीपी के समक्ष आरोप लगाया कि पार्टी कार्यकर्ताओं पर दर्ज केस राजनीतिक बदले की भावना से किए जा रहे हैं। सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि वह स्वयं गिरफ्तारी देने, अपने खिलाफ केस दर्ज कराने और निष्पक्ष जांच का सामना करने के लिए डीजीपी कार्यालय पहुंचे हैं।
पंजाब की सड़कों को जाम किया जाएगा
इस बीच, अकाली दल के खरड़ विधानसभा हलके के प्रभारी राजेंद्र सिंह खेड़ा ने चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं बदले तो पंजाब की सड़कों को जाम किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार न तो विकास पर ध्यान दे रही है और न ही जनता से जुड़े मुद्दों पर, बल्कि सिर्फ अकाली नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
हालात को देखते हुए अकाली दल ने अपने यूथ विंग को भी सक्रिय कर दिया है। यूथ अकाली दल ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज के जरिए पटियाला, मोहाली और फतेहगढ़ साहिब जिलों के कार्यकर्ताओं को सेक्टर-9 स्थित डीजीपी कार्यालय पहुंचने का आह्वान किया है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ताओं को चंडीगढ़ पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
उधर, स्थिति को संभालने के लिए डीजीपी कार्यालय के बाहर चंडीगढ़ पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। सूत्रों का कहना है कि अकाली दल आने वाले समय में इस मुद्दे पर बड़े आंदोलन का ऐलान कर सकता है।