जालंधर में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता लक्की ओबरॉय का अंतिम संस्कार किया गया। श्मशानघाट में उनके 8 साल के बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी। अंतिम दर्शन के दौरान माहौल दिल दहला देने वाला था। पत्नी सिमरन पति के पार्थिव शरीर के पास बिलख-बिलखकर रोती रहीं और कहती रहीं तुम उठते क्यों नहीं, मुझे तुमसे बात करनी है।”
बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। बेटियों ने कहा “हमारे पापा को कहां लेकर जा रहे हो, हमें उनसे बात करने दो।” 8 साल के बेटे को भी भीड़ के बीच गोद में उठाकर पिता के दर्शन कराए गए, जहां वह लगातार “पापा-पापा” पुकारता रहा। मां भी बार-बार यही कहती रही-“मेरे पुत्तर, तू मुझे छोड़कर कहां चला गया।”
लक्की ओबरॉय को भाई मानती थीं AAP की हलका इंचार्ज
अंतिम संस्कार में AAP की कैंट हलका इंचार्ज राजविंदर कौर थियाड़ा भी पहुंचीं, जो लक्की ओबरॉय को भाई मानती थीं। वह भी फूट-फूटकर रो पड़ीं। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जिनमें युवाओं की संख्या सबसे अधिक रही।
गौरतलब है कि लक्की ओबरॉय की 6 फरवरी को गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में एक्टिवा सवार शूटर और कार की CCTV फुटेज सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि वारदात में इस्तेमाल की गई कार लक्की का नौकर चला रहा था।
पुलिस को शक है कि नौकर ने ही मर्डर से पहले रेकी की थी। बताया जा रहा है कि नशा करने को लेकर लक्की ओबरॉय ने कुछ दिन पहले शिंगरी की पिटाई की थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एक्टिवा भी शिंगरी के नाम पर दर्ज है। वारदात के बाद आरोपी मिट्ठापुर की ओर भागे और फिर एक्टिवा को ठिकाने लगाकर हुंडई अलकजार कार से जाते दिखे। हालांकि, अभी तक एक्टिवा बरामद नहीं हुई है।