राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की चंडीगढ़ स्थित विशेष अदालत ने आतंकी सतविंदर सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को भगोड़ा घोषित कर दिया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 84 के तहत कार्रवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश भावना जैन ने गोल्डी बराड़ को 30 दिन के भीतर अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।
गोल्डी बराड़ के खिलाफ 20 जनवरी 2024 को चंडीगढ़ में एक कारोबारी के अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। बाद में यह केस 8 मार्च 2024 को NIA ने अपने अधीन ले लिया। जांच एजेंसी के अनुसार, गोल्डी बराड़ इस मामले का मुख्य आरोपी है।
मूसेवाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड भी है गोल्डी
गौरतलब है कि गोल्डी बराड़ पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड भी है। केंद्र सरकार पहले ही उसे आतंकी घोषित कर चुकी है। फिलहाल वह कनाडा में रह रहा है और भारत की जांच एजेंसियों की पकड़ से बाहर है।
इस मामले में गोल्डी बराड़ पर आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), 336 (लापरवाही से जान को खतरा), 384 (जबरन वसूली) और 506 (आपराधिक धमकी) के साथ-साथ यूएपीए और आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। यदि वह तय समय के भीतर अदालत में पेश नहीं होता है तो उसकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, गोल्डी बराड़ को कनाडा से भारत लाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं और इस दिशा में संबंधित एजेंसियां लगातार कार्रवाई में जुटी हुई हैं।