ख़बरिस्तान नेटवर्क : इंदौर में गंदे पानी से मौत में अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि हाईकोर्ट में सरकार ने जो स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है उसमें बताया है कि इससे सिर्फ 4 मौतें ही हुई हैं। वहीं अब इस मामले में नेशनल ह्यूमन राइट्स कमिशन ने मामले में संज्ञान लिया है और 2 हफ्तों के अंदर रिपोर्ट मांगी है।
201 लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती
वहीं दूषित पानी के कारण 201 लोग समेत 16 बच्चे अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। सभी 15 लोगों की जान दूषित पानी के कारण ही हुई है, इसकी पुष्टि महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट से हो गई।
मंत्री ने भी माना दूषित पानी के कारण बिगड़े हालात
वहीं कलेक्टर शिवम वर्मा का कहना है कि डिटेल्ड रिपोर्ट का इंतजार है। मेडिकल कॉलेज में कल्चर टेस्ट भी किया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहना ठीक होगा। वहीं, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी माना कि भागीरथपुरा के पेयजल में सीवेज का पानी मिलने से हालात बिगड़े हैं। उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि चौकी के पास जो लीकेज वाली जगह है, वहीं इसकी सबसे प्रमुख आशंका है।