जम्मू-कश्मीर में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के नेता और विधायक परगट सिंह को भी जम्मू की पुलिस लाइन्स में गिरफ्तार किया गया।
हिरासत में जाते समय परगट सिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक आवाज़ों को हिरासत से दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने, मनरेगा की सुरक्षा और जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों व सम्मान के लिए मजबूती से खड़ी है।
परगट सिंह ने बताया कि यह प्रदर्शन जम्मू की पुलिस लाइन्स में किया जा रहा था और कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता गवर्नर हाउस की ओर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने जा रहे थे। इसके बावजूद ज्वेल चौक पर कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया।
पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि मनरेगा की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने गरीब और जरूरतमंद लोगों को 100 दिन का रोजगार देने के लिए की थी। लेकिन मौजूदा केंद्र सरकार ने इस योजना में बदलाव किए हैं।
उनका आरोप है कि पहले केंद्र सरकार मनरेगा के लिए 90 प्रतिशत धन देती थी, जिसे घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है और राज्यों पर 40 प्रतिशत बोझ डाल दिया गया है। इससे राज्यों पर करोड़ों रुपये का अतिरिक्त खर्च पड़ेगा और योजना प्रभावित होगी। साथ ही योजना का नाम भी बदल दिया गया है, जिससे लाखों मनरेगा मजदूरों के रोजगार पर असर पड़ रहा है।