जालंधर में आज पंजाबी जागृति मंच की ओर से एक विशाल ‘मां बोली पंजाबी मार्च’ निकाला गया। यह मार्च सुबह 10:30 बजे लायलपुर खालसा स्कूल (नकोदर रोड) से शुरू होकर देश भगत यादगार हॉल में संपन्न हुआ। मार्च के दौरान जहां एक ओर पंजाबी भाषा के सम्मान का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी ओर गन कल्चर और बदमाशी से जुड़े गीतों के चलते विवाद भी देखने को मिला।
मार्च में विशेष रूप से पहुंचे पंजाबी सिंगर मनकीरत औलख ने मंच से अपने चर्चित गीत गाए। औलख ने न केवल खुद गीत सुनाए, बल्कि वहां मौजूद हजारों युवाओं से भी साथ में लाइनें गुनगुनाने को कहा।
कार्यक्रम के आयोजक दीपक बाली की फरमाइश पर औलख ने बोलियां भी डालीं। मार्च में पहुंचे पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने अपने संबोधन में कहा कि पंजाबी भाषा बोलने वालों को अनपढ़ कहना गलत है। पंजाबी हमारे गुरुओं और गुरु नानक की गुरवाणी की भाषा है, हमें ‘ऊड़ा’ और ‘जूड़ा’ नहीं भूलना चाहिए, यही हमारी पहचान और शान है।
यह मार्च शहर के कई प्रमुख मार्गों डॉ. बीआर अंबेडकर चौक, भगवान वाल्मीकि चौक (ज्योति चौक), कंपनी बाग और नामदेव चौक से होकर गुजरा। सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए करीब 150 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था और लगभग तीन घंटे तक कई रूट डायवर्ट रहे। प्रशासन ने लोगों से अपील की थी कि वे कुछ प्रमुख चौकों और मार्गों से बचकर निकलें।कुल मिलाकर, मां बोली पंजाबी के सम्मान के उद्देश्य से निकाला गया यह मार्च जहां भारी भीड़ और जोश का गवाह बना।