पाकिस्तान की सेना ने रविवार तड़के अफगानिस्तान से सटे सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की। अल-जज़ीरा के मुताबिक पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि इस कार्रवाई में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और इस्लामिक स्टेट से जुड़े सात आतंकी ठिकानों और कैंपों को निशाना बनाया गया।
पाकिस्तान सरकार ने इसे हालिया आत्मघाती हमलों के बाद जवाबी और इंटेलिजेंस बेस्ड ऑपरेशन बताया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तान के पास “पुख्ता सबूत” हैं कि हमलों की साजिश अफगान जमीन से संचालित नेटवर्क ने रची।
वहीं अफगान मीडिया के मुताबिक, हमलों में पूर्वी अफगानिस्तान के नांगरहार प्रांत में एक घर को निशाना बनाया गया, जिससे एक ही परिवार के 23 लोग मलबे में दब गए। अब तक चार लोगों को बाहर निकाला जा सका है। हमले के वक्त परिवार सो रहा था, इसलिए बचने का मौका नहीं मिला।
अमेरिकी मानवाधिकार संगठन इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन ने दावा किया है कि इन हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत 16 लोगों की मौत हुई है, हालांकि आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अफगान रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तानी हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए कहा है कि “सही समय पर कड़ा जवाब दिया जाएगा।” अफगान सूत्रों के अनुसार, पक्तिका में एक धार्मिक स्कूल पर ड्रोन हमला हुआ, जबकि नांगरहार में भी कार्रवाई की गई।
पाकिस्तान का अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील
पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह 2020 के दोहा समझौता के तहत तालिबान पर दबाव बनाए, ताकि अफगान जमीन का इस्तेमाल किसी अन्य देश के खिलाफ न हो। इस समझौते में तालिबान ने अफगानिस्तान की धरती से अंतरराष्ट्रीय आतंकी गतिविधियों पर रोक लगाने की प्रतिबद्धता जताई थी।
हालिया आत्मघाती हमले
एयरस्ट्राइक से कुछ घंटे पहले खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में सुरक्षा काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें दो सैनिक (एक लेफ्टिनेंट कर्नल सहित) मारे गए।इससे पहले बाजौर में विस्फोटक हमले में 11 सैनिक और एक बच्चे की मौत हुई थी। वहीं इस्लामाबाद में शिया मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान हुए आत्मघाती हमले में 31 लोगों की मौत और 169 घायल होने की खबर सामने आई थी, जिसकी जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी।