पंजाब और चंडीगढ़ में कड़ाके की ठंड का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। अमृतसर में इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया, जहां न्यूनतम पारा 1.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 13 और 14 जनवरी को प्रदेश में धुंध और कोहरे का असर और अधिक बढ़ सकता है।
रविवार को भी कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। चंडीगढ़ में सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता कम रही, जिसका असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर सुबह 5:55 बजे पुणे से आने वाली एक फ्लाइट देरी से पहुंची, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा, हालांकि अन्य उड़ानें सामान्य रहीं।
6 जिलों में कोल्ड डे की स्थिति
शनिवार को पंजाब के 10 जिलों में घना कोहरा, 5 जिलों में शीतलहर और 6 जिलों में कोल्ड डे की स्थिति बनी रही। इसके बावजूद लोहड़ी के त्योहार को लेकर राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार इस बार लोहड़ी के दिन बारिश की कोई संभावना नहीं है। विभाग का कहना है कि प्रदेश में 15 या 16 जनवरी के बाद ही बारिश के आसार बन सकते हैं।
मौसम साफ रहने की संभावना
पिछले कुछ वर्षों में लोहड़ी के दौरान बारिश के चलते पतंगबाजी और सार्वजनिक आयोजनों में बाधा आई थी। खासकर पिछले दो सालों में कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई थी, जिससे त्योहार का उत्साह फीका पड़ा था। इस बार मौसम साफ रहने की संभावना से लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
14 जनवरी को माघी पर्व के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री मुक्तसर साहिब समेत अन्य प्रमुख गुरुद्वारों में स्नान के लिए पहुंचते हैं। इसी दिन माघी मेला और राजनीतिक कॉन्फ्रेंस भी आयोजित होती हैं। मौसम के अनुकूल रहने से श्रद्धालुओं के साथ-साथ राजनीतिक दलों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में ठंड का असर अभी बरकरार रहेगा। शनिवार को पंजाब का औसत अधिकतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 1.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विभाग ने बताया कि उत्तर पाकिस्तान और आसपास के पंजाब क्षेत्र में ऊपरी हवा में बने सिस्टम के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस कम बना हुआ है।



