जालंधर : केंद्र सरकार की तरफ से मनरेगा योजना का नाम बदले जाने को लेकर पंजाब में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इसी मुद्दे पर शुक्रवार को नकोदर में आम आदमी पार्टी की विधायक इंद्रजीत कौर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए मनरेगा में किए गए बदलावों को गरीब मजदूरों के हितों के खिलाफ बताया।
विधायक इंद्रजीत कौर ने आरोप लगाया कि मनरेगा जैसी अहम रोजगार योजना में बदलाव कर केंद्र सरकार गरीबों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना से लाखों जरूरतमंद परिवारों को रोजगार मिलता था, लेकिन अब किए गए बदलावों से मजदूरों की आजीविका पर खतरा मंडरा रहा है।
विधायक ने कहा कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि गरीब वर्ग के लिए जीवनरेखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर “जी राम जी योजना” रख दिया और इसके साथ कई अहम बदलाव कर दिए। उनका कहना था कि भगवान सभी के हैं, लेकिन भगवान के नाम पर योजनाओं का नाम रखकर ऐसे फैसले लेना, जिनका सीधा असर गरीब मजदूरों पर पड़े, गलत है।
इंद्रजीत कौर ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर पंजाब सरकार ने विशेष सत्र बुलाया था और पंजाब में इस बिल को रद्द भी कर दिया गया है, इसके बावजूद केंद्र सरकार अपने फैसले पर अड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि मनरेगा में किए गए बदलाव यह संकेत देते हैं कि केंद्र सरकार इस योजना को धीरे-धीरे खत्म करना चाहती है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार करोड़ों गरीबों के चूल्हे बुझाने की दिशा में काम कर रही है। किसानों के आंदोलन का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि पहले तीन कृषि कानून लागू किए गए, जिनके खिलाफ लंबे संघर्ष के बाद केंद्र सरकार को उन्हें वापस लेना पड़ा।
विधायक ने कहा कि भले ही मनरेगा के तहत काम के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 कर दिया गया हो, लेकिन अगर मजदूरों को काम ही नहीं मिलेगा तो इसका कोई फायदा नहीं होगा। नई व्यवस्था में काम देने का अधिकार राज्यों से छीनकर पूरी तरह केंद्र के हाथ में दे दिया गया है, जिससे भाजपा शासित राज्यों और गैर-भाजपा शासित राज्यों के बीच भेदभाव किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पंजाब में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जिनका पालन-पोषण महिलाएं कर रही हैं और मनरेगा उनके लिए बेहद जरूरी है। योजना में किए गए बदलावों से सबसे ज्यादा नुकसान गरीब मजदूरों और महिलाओं को होगा। विधायक ने स्पष्ट किया कि जब तक केंद्र सरकार इन बदलावों को वापस नहीं लेती, तब तक आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार का विरोध जारी रहेगा।