अमृतसर से बड़ी धार्मिक खबर सामने आई है। खालसा साजना दिवस बैसाखी के पावन अवसर पर पाकिस्तान स्थित सिख धर्मस्थलों के दर्शन के लिए सिख श्रद्धालुओं का जत्था 10 अप्रैल को रवाना होगा। इस बार 1800 से अधिक श्रद्धालु इस जत्थे का हिस्सा बनेंगे और पाकिस्तान के अलग अलग ऐतिहासिक गुरुद्वारों में मत्था टेकेंगे।
यात्रा के दौरान श्रद्धालु मुख्य रूप से गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब में आयोजित प्रमुख समागम में शामिल होंगे। इसके अलावा श्रद्धालु ननकाना साहिब सहित अन्य प्रमुख गुरुधामों के दर्शन भी करेंगे।
यात्रा नियमों में सख्ती
प्रबंधन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस बार यात्रा के नियम पहले से अधिक सख्त किए गए हैं। सुरक्षा और मर्यादा को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला लिया गया है कि कोई भी महिला श्रद्धालु अकेले यात्रा नहीं कर सकेगी। जत्थे में शामिल होने वाली महिलाओं के साथ उनका कोई नजदीकी रिश्तेदार या भाई-बहन होना अनिवार्य किया गया है।
इन नए नियमों का उद्देश्य यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वहीं वीज़ा प्रक्रिया और अन्य दस्तावेज़ी औपचारिकताओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को सीमा पार करते समय किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
हर साल वैसाखी के मौके पर बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालु पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए जाते हैं और इस बार भी इसे लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।