पंजाब पुलिस ने अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ ऑपरेशन प्रहार 2.0 की शुरुआत कर दी है। यह अभियान सोमवार सुबह 8 बजे से शुरू हुआ है और अगले 72 घंटे तक चलेगा। इस ऑपरेशन में वांटेड और सक्रिय अपराधियों को मुख्य निशाना बनाया गया है। खास बात यह है कि सीनियर पुलिस अधिकारियों को अलग-अलग जिले अलॉट किए गए हैं, जो खुद फील्ड में मौजूद रहकर कार्रवाई की निगरानी करेंगे।
12 हजार पुलिसकर्मियों की 2 हजार टीमें बनाई गई
डीजीपी गौरव यादव ने साफ कहा कि पंजाब में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि जो युवा गलत रास्ते पर चले गए हैं, अगर वे सरेंडर करना चाहते हैं तो पुलिस उन्हें पूरा मौका देगी। ऑपरेशन के लिए 12 हजार पुलिसकर्मियों की 2 हजार टीमें बनाई गई हैं।
अपराधियों की तैयार की गई लिस्ट
ऑपरेशन प्रहार 2.0 को लेकर पुलिस ने स्पेशल स्ट्रेटजी बनाई है। सभी जिलों में अपराधियों की सूची, हॉट-स्पॉट इलाके, उनके करीबी और मददगारों की पहचान कर ली गई है। इसी आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है। डीजीपी ने कहा कि अपराधियों को किसी भी हाल में ग्लोरिफाई नहीं होने दिया जाएगा और उनके किए गए अपराधों की सजा जरूर मिलेगी।
कानून-व्यवस्था के दबाव में अहम अभियान
यह ऑपरेशन ऐसे समय शुरू किया गया है जब हाईकोर्ट ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब तलब किया है। वहीं, मोहाली में एसएसपी दफ्तर और चंडीगढ़ में हुए आप नेता की हत्या के आरोपी अभी तक फरार हैं। विपक्ष भी लगातार कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है, ऐसे में ऑपरेशन प्रहार 2.0 को बेहद अहम माना जा रहा है।
प्रहार-1 में हुई थी बड़ी कार्रवाई
इससे पहले 20 जनवरी से शुरू हुए ऑपरेशन प्रहार-1 के दौरान पुलिस ने 12 हजार से ज्यादा लोगों पर कार्रवाई की थी। इनमें 5,290 गिरफ्तारियां, 2,973 प्रिवेंटिव डिटेंशन और 5,413 लोगों से पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ा गया था।



