View All Topics

ਵਿਕਰੇਤਾ ਤੋਂ ਇਸ਼ਤਿਹਾਰ

View All Topics

Search Based Ads

ਖਬਰਿਸਤਾਨ ਨੈੱਟਵਰਕ

ਸਟੋਰੀਜ਼ ਦੇਖੋ

जालंधर में दो मार्च को ऐतिहासिक दिन होगा, जब पुरातन सोमानाथ ज्योतिर्लिंग के दो शिवलिंग के लोग दर्शन करेंगे। आर्ट आफ लिविंग की ओर से करवाए जा रहे इस भव्य आयोजन में शहर भर की संस्थाएं, मंदिर कमेटियां, सियासी पार्टियां और धार्मिक हस्तियां हिस्सा ले रही हैं।

दो मार्च को साईं दास स्कूल ग्राउंड में लोगों के दर्शन के लिए ज्योतिर्लिंग पहुंच रहे हैं। सुबह आठ से रात आठ बजे तक लोग दर्शन कर सकेंगे। सुबह आठ से दस और शाम को छह से आठ बजे तक रुद्र पूजा होगी। इस आयोजन के लिए शहर वासी ज्योतिर्लिंग को 11 करोड़ बार ओउम नमः शिवाय लिखकर समर्पित करेंगे। इसके लिए संस्था की ओर से लोगों को कापियां बांटी जा रही हैं। जिसमें लोग ओउम नमः शिवाय लिख रहे हैं। सभी दो तारीख को अपनी अपनी कापी भगवान शिव को अर्पित करेंगे। आर्ट आफ लिविंग परिवार की हरेक शहरी से अपील है कि सभी इस ऐतिहासिक अवसर का जरूर हिस्सा बनें।

ज्योतिर्लिंग का इतिहास

हजारों सालों से, गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर को भारत का पहला ज्योतिर्लिंग होने का गौरव प्राप्त है। एक हजार साल से भी अधिक समय पहले, इसे विश्व का सबसे भव्य, दिव्य और समृद्ध मंदिर माना जाता था। ऐतिहासिक प्रमाण है कि यहां शिवलिंग हवा में तैरता था। इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि चुंबकीय गुणों वाले एक दुर्लभ पत्थर से बने इस शिवलिंग को 1026 में महमूद गजनी ने तोड़ दिया था। मंदिर को 17 बार लूटा और ध्वस्त किया गया था।

ऐसा कहा जाता है कि महमूद गजनी ने जब तैरते हुए शिवलिंग को नष्ट किया तो उसके कुछ अवशेषों को तत्कालीन अग्निहोत्री पंडितों ने इकट्ठा किया और फिर दक्षिण भारत आ गए। इसके बाद अग्निहोत्रियों ने अवशेषों को शिवलिंग का रूप दिया और उसकी पूजा शुरू की। इस परंपरा का पालन करते हुए, उस समय के अग्निहोत्रियों ने 1924 में कांची परमचार्य चंद्रशेखर सरस्वती महास्वामी जी से संपर्क किया और उन्हें ज्योतिर्लिंग के बारे बताया।

ऐसा माना जाता है कि महास्वामी जी ने ज्योतिर्लिंग को अगले 100 वर्षों तक संरक्षित रखा और बाद में अयोध्या राम की पुनर्स्थापना के बाद इसे आज के विश्व प्रसिद्ध संत श्री श्री रविशंकर गुरु जी को सौंपने के लिए कहा। जो पिछले साल जनवरी महीने में गुरु जी को अग्निहोत्रियों ने सौंप दिए थे।

चमत्कारिक पत्थर

ज्योतिर्लिंग के पत्थर का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिकों के अनुसार, चुंबकीय गुण होने के लिए इसमें लौह तत्व का होना आवश्यक है। लेकिन यह विज्ञान का चमत्कार है कि केवल 2% लौह तत्व होने के बावजूद इसमें चुंबकीय गुण मौजूद हैं। ऐतिहासिक रूप से प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग के ऐसे दिव्य दर्शन यात्रा का आयोजन पूरे भारत में किया जाता है।

शास्त्रों मुताबिक पूजा


रुद्र पूजा के दौरान प्रत्येक मंत्र का उच्चारण पूर्ण सटीकता और श्रद्धा के साथ किया जाता है, जिससे अनुष्ठानों की शुद्धता और प्रभावशीलता सुनिश्चित होती है। आर्ट आफ लिविंग के समर्पित पुजारी मंत्रों की पवित्रता और शुद्धता बनाए रखते हैं, जिससे पूजा की आध्यात्मिक शक्ति में वृद्धि होती है। पूजा-अर्चना प्राचीन वैदिक ग्रंथों के अनुसार ही की जाती है, जिससे अनुष्ठानों की प्रामाणिकता और पवित्रता बनी रहती है। पुजारी पारंपरिक दिशा-निर्देशों का पालन करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक समारोह शास्त्रों के प्रति पूर्ण सम्मान के साथ संपन्न हो।

Interest Based Ads

|

|

Read this news in :

|

ਜ਼ਰੂਰ ਪੜ੍ਹੋ

इन्हें न भूलें:

|

|

|

पाकिस्तान की सेना ने रविवार तड़के अफगानिस्तान से सटे सीमावर्ती

|

|

|

ख़बरिस्तान नेटवर्क : केंद्र सरकार ने पंजाब के लिए बड़ा

|

|

|

पंजाब से हिमाचल प्रदेश जाने वाले यात्रियों के लिए अहम

|

|

|

तरनतारन में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) के सरपंच हरबरिंदर

|

|

|

ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर के भोगपुर के पास भटनूरा लुबाना

|

|

|

ख़बरिस्तान नेटवर्क : पंजाब में धमकियां मिलने का सिलसिला जारी

|

|

|

चंडीगढ़ के चर्चित राजवीर सिंह उर्फ सोनू शाह हत्याकांड में

सूचित रहें: हमारा ऐप डाउनलोड करें

खोज-आधारित विज्ञापन

शेयर बाज़ार

NIFTY 50.Live - Live Chart, Live Stock Market News, Live Chart Analysis, International Charts

मौसम

More forecasts: 30 day forecast Orlando

आज का राशिफल

ख़बरिस्तान नेटवर्क