पंजाब के मोहाली जिले के गांव समगोली से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां के रहने वाले 28 साल के युवक हरदीप सिंह की मैक्सिको में भूखे-प्यासे रहने के कारण मौत हो गई। वही एजेंटों की धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के चलते उसका शव करीब चार महीने तक मैक्सिको की मोर्चरी में पड़ा रहा।
हरदीप सिंह जुलाई 2024 में अमेरिका में बेहतर भविष्य और डॉलर कमाने का सपना लेकर घर से निकला था। डंकी रूट के जरिए उसे अमेरिका पहुंचाने का झांसा देकर एजेंटों ने परिवार से करीब 38 लाख रुपये वसूले, लेकिन इसके बावजूद वह अमेरिका नहीं पहुंच सका। एजेंटों ने उसके नेपाल के फर्जी दस्तावेज बनाकर उसे मैक्सिको भेज दिया, जिससे वह वहां कानूनी संकट में फंस गया।
एक कमरे में बंद कर भूखा-प्यासा रखा
परिजनों के मुताबिक, मैक्सिको पहुंचने के बाद एजेंटों ने हरदीप को एक कमरे में बंद कर भूखा-प्यासा रखा। परिवार से मदद के नाम पर और पैसे मंगवाए गए, लेकिन कोई सहायता नहीं पहुंची। करीब एक साल तक संघर्ष करने के बाद हरदीप जिंदगी की जंग हार गया।
मौत के बाद भी परिवार की मुश्किलें खत्म नहीं हुईं। चूंकि मृतक के पास नेपाल के दस्तावेज थे, इसलिए मैक्सिको प्रशासन उसे भारतीय नागरिक मानने को तैयार नहीं था। शव को भारत लाने के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया लड़नी पड़ी। आखिरकार भारत से फिंगर प्रिंट भेजकर वेरिफिकेशन कराया गया, तब यह साबित हो सका कि हरदीप पंजाब का निवासी है। इसके बाद जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी होने पर शव भारत लाया जा सका।
शव देख पूरे इलाके में मातम पसर गया
गांव समगोली में जैसे ही शव पहुंचा, पूरे इलाके में मातम पसर गया। श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम थीं। मरने से कुछ दिन पहले हरदीप सिंह ने एक भावुक वीडियो भी भेजा था, जिसमें उसने रोते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और मोहाली पुलिस से मदद की गुहार लगाई थी। हालांकि, वीडियो के कुछ समय बाद ही उसकी मौत की खबर आ गई।
दो ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ केस दर्ज
इस मामले में पुलिस ने पहले ही दो ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ केस दर्ज किया था। हाल ही में एक आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।