ख़बरिस्तान नेटवर्क : सूफी इस्लामिक बोर्ड (SIB) ने अमेरिका के यूनाइटेड स्टेट्स होलोकॉस्ट मेमोरियल म्यूज़ियम (USHMM) की एक रिपोर्ट पर कड़ी आपत्ति जताई है। इस रिपोर्ट में भारत को ‘Mass Killings के उच्च जोखिम’ वाले देशों की सूची में शामिल किया गया है। बोर्ड ने इस रिपोर्ट को तथ्यहीन, भ्रामक और सनसनी फैलाने वाली बताया है।
भारतीय मुसलमानों की गलत तस्वीर पेश करने का आरोप
सूफी इस्लामिक बोर्ड का कहना है कि भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां बड़ी मुस्लिम आबादी रहती है और मुसलमान देश की लोकतांत्रिक, सामाजिक और सांस्कृतिक व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। ऐसे में भारत में किसी तरह के ‘आसन्न जनसंहार’ की बात करना संविधान, न्यायपालिका और लोकतांत्रिक संस्थाओं की अनदेखी है।
‘होलोकॉस्ट’ शब्द के इस्तेमाल पर कड़ा एतराज़
बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंसूर खान ने भारत के संदर्भ में ‘होलोकॉस्ट’ जैसे शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि होलोकॉस्ट इतिहास की एक भयानक और विशिष्ट त्रासदी थी, जिसमें नाज़ी शासन के दौरान लाखों लोगों की हत्या हुई। किसी लोकतांत्रिक देश की समस्याओं की तुलना होलोकॉस्ट से करना इतिहास के साथ अन्याय है।
जमीनी हकीकत जानने की अपील
सूफी इस्लामिक बोर्ड के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट डॉ. सूफी राज जैन ने USHMM से अपील की कि भारत को लेकर कोई भी निष्कर्ष निकालने से पहले जमीनी स्तर पर स्थिति का आकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को केवल रिपोर्टों और चुनिंदा स्रोतों पर निर्भर रहने के बजाय भारत आकर मुस्लिम संगठनों, सूफी संस्थाओं और आम लोगों से संवाद करना चाहिए।
भारत विरोधी दुष्प्रचार को बढ़ावा देने का खतरा
बोर्ड ने चेतावनी दी कि इस तरह की रिपोर्टें विदेशों में भारत के खिलाफ दुष्प्रचार को बढ़ावा देती हैं। इससे मुस्लिम युवाओं में गलत धारणा और पीड़ित मानसिकता पैदा होती है, जो सामाजिक सौहार्द के लिए नुकसानदेह है। सूफी इस्लामिक बोर्ड ने भारतीय मुस्लिम नेताओं, बुद्धिजीवियों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे इस तरह की भ्रामक रिपोर्टों पर चुप न रहें। तथ्यों के साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की वास्तविक और सकारात्मक तस्वीर पेश की जानी चाहिए।