अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग शनिवार को आठवें दिन में पहुंच गई। इस बीच अमेरिका ने इजराइल को लगभग 151.8 मिलियन डॉलर के हथियार और सैन्य सहायता देने की मंजूरी दे दी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि मौजूदा आपात स्थिति के कारण इजराइल को तुरंत सैन्य मदद देना जरूरी हो गया है।
इजराइली मीडिया के मुताबिक इस आपात पैकेज में करीब 12 हजार BLU-110A/B बम शामिल हैं। इसके साथ लॉजिस्टिक सहायता और अन्य सैन्य सेवाएं भी दी जाएंगी। अमेरिका का कहना है कि यह कदम मिडिल ईस्ट में उसके रणनीतिक सहयोगी की सुरक्षा मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
अब तक कितनों की मौत
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका-इजराइल के हमलों में अब तक ईरान में 1332 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं लेबनान के बेक्का इलाके में इजराइली हमलों और हिजबुल्लाह से झड़प में कम से कम 9 लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं।
6 अमेरिकी सैनिकों की भी मौत
इसके अलावा कुवैत में ईरानी ड्रोन हमले में 6 अमेरिकी सैनिकों की भी मौत हुई थी, जिनके शवों की वापसी के कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प शामिल होंगे।
रूस पर ईरान को खुफिया मदद देने का आरोप
इस बीच खबर है कि रूस जंग के दौरान ईरान को खुफिया जानकारी दे रहा है। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक रूस ने ईरान को मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की लोकेशन से जुड़ी जानकारी दी है, जिससे ईरान अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सके।
ईरान का युद्धपोत भारत में रुका
ईरान का युद्धपोत IRIS लावन तकनीकी खराबी के कारण भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है। बताया गया कि 28 फरवरी को जहाज में खराबी आने के बाद ईरान ने भारत से मदद मांगी थी। इसके बाद 1 मार्च को जहाज को डॉक करने की अनुमति दी गई और 4 मार्च को यह कोच्चि पहुंचा। जहाज के 183 क्रू मेंबर फिलहाल भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं।
लेबनान में इजराइल-हिजबुल्लाह झड़प
लेबनान के बेक्का घाटी इलाके में इजराइली सैनिकों और हिजबुल्लाह लड़ाकों के बीच झड़प हुई। रिपोर्ट के मुताबिक इजराइली कमांडो हेलीकॉप्टर से इलाके में उतरे थे, जिसके बाद दोनों पक्षों में भीषण संघर्ष हुआ। झड़प के दौरान इजराइल ने कई हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई।
अमेरिका का बड़ा हमला करने का दावा
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि जल्द ही ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाएगा। इस हमले का लक्ष्य ईरान के मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों को तबाह करना है, ताकि उसकी मिसाइल क्षमता को कमजोर किया जा सके।
कई देशों तक फैला तनाव
ईरान अब तक इजराइल समेत 13 देशों पर हमला कर चुका है। इनमें UAE, कतर, बहरीन, जॉर्डन, इराक, कुवैत, ओमान, सऊदी अरब, साइप्रस, सीरिया, तुर्किये और अजरबैजान शामिल हैं।मौजूदा हालात के कारण पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ रहा है और कई देशों में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है।