ख़बरिस्तान नेटवर्क : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हालात तेजी से बेकाबू होते नजर आ रहे हैं। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी नौसेना ने इस महत्वपूर्ण होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी है। इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री गलियारे में दहशत का माहौल है। सुरक्षा खतरों को देखते हुए दर्जनों तेल टैंकरों ने अपना निर्धारित रास्ता बदल लिया है और वे अब सुरक्षा की तलाश में ओमान की खाड़ी की ओर शरण ले रहे हैं।
विस्फोटक ड्रोन्स का डर और अमेरिकी हस्तक्षेप
क्षेत्र में तनाव तब और बढ़ गया जब यह खबर आई कि ईरान अब जहाजों को निशाना बनाने के लिए विस्फोटक ड्रोन नौकाओं का इस्तेमाल कर रहा है। खुफिया रिपोर्टों में इन दावों के बाद अमेरिका ने भी सख्त रुख अपनाते हुए इस क्षेत्र में अपने शक्तिशाली युद्धपोत और सैन्य जहाज तैनात कर दिए हैं।
इससे पहले भी इस मार्ग पर कई जहाजों को निशाना बनाया गया था, जिनमें भारतीय चालक दल (क्रू) वाले जहाज भी शामिल थे, जिससे भारत जैसे देशों की चिंता भी बढ़ गई है। अमेरिका और ईरान की इस सैन्य तैनाती ने पूरे क्षेत्र को बारूद के ढेर पर खड़ा कर दिया है।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर कंट्रोल की कोशिश
ईरान ने हाल के दिनों में होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए अत्यंत सख्त नियम लागू कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान इस रणनीतिक मार्ग पर अपना पूर्ण एकाधिकार और नियंत्रण स्थापित करना चाहता है। चूंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे प्रमुख तेल मार्गों में से एक है और दुनिया के एक बड़े हिस्से की गैस और तेल आपूर्ति यहीं से सुनिश्चित होती है, इसलिए यहां होने वाली किसी भी प्रकार की अशांति का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ईंधन की कीमतों पर पड़ना तय है।