जालंधर: आम आदमी पार्टी (AAP) के जालंधर सेंट्रल से विधायक रमन अरोड़ा सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जालंधर कार्यालय में पेश हुए। करीब 9 दिन बाद ईडी कार्यालय पहुंचे विधायक से लगभग दो घंटे तक पूछताछ की गई। पूछताछ पूरी होने के बाद रमन अरोड़ा मीडिया से दूरी बनाते हुए सीधे अपनी गाड़ी में बैठकर रवाना हो गए।
सूत्रों के अनुसार, इससे पहले भी रमन अरोड़ा ईडी कार्यालय में दस्तावेजों के साथ पेश हुए थे, जहां उनसे करीब साढ़े आठ घंटे तक लंबी पूछताछ की गई थी। उस दौरान भी उन्होंने मीडिया के सवालों से बचते हुए कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी।
मामला कथित आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ा हुआ है। ईडी ने पंजाब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा दर्ज एफआईआर को आधार बनाकर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जांच शुरू की है। विजिलेंस ब्यूरो ने अपनी जांच में विधायक पर लगभग 1.10 करोड़ रुपये की कथित बेहिसाब संपत्ति रखने के आरोप लगाए हैं।
विजिलेंस ब्यूरो द्वारा दाखिल चार्जशीट में रमन अरोड़ा पर जालंधर में दुकानदारों और अन्य प्रतिष्ठानों से कथित वसूली करने के आरोप भी लगाए गए हैं। आरोप है कि नोटिसों के जरिए भवन मालिकों को सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई का डर दिखाकर मामलों को सुलझाने या वापस लेने के बदले अवैध रिश्वत की मांग की जाती थी।
गौरतलब है कि रमन अरोड़ा पंजाब विधानसभा में जालंधर सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्हें पहले पंजाब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा गिरफ्तार भी किया जा चुका है। वहीं, जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने भी पिछले वर्ष 23 अगस्त को उनके खिलाफ कथित रंगदारी मांगने का मामला दर्ज किया था। बाद में 22 सितंबर को अदालत से उन्हें जमानत मिल गई थी।अब ईडी की जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले पर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर नजर बनी हुई है।