जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में ड्यूटी के दौरान हुए एक भीषण सड़क हादसे में भारतीय सेना के 10 जवान देश के लिए शहीद हो गए, जबकि कई अन्य सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब सेना का एक वाहन भद्रवाह से खनाई टॉप की ओर जा रहा था। पहाड़ी इलाके में वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा और करीब 200 फीट गहरी खाई में जा गिरा।
परिवार का था इकलौता बेटा
इस दर्दनाक हादसे में शहीद होने वाले जवानों में पंजाब के ब्लॉक नूरपुर बेदी के गांव चनौली निवासी 23 साल सैनिक जोबनप्रीत सिंह भी शामिल हैं। वे पूर्व सैनिक बलवीर सिंह के इकलौते बेटे थे। जोबनप्रीत सिंह सितंबर 2019 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और 8 कैवेलरी, आर्मर्ड यूनिट (4 आरआर) में तैनात थे
खुशियों से भरे घर में छाया अचानक मातम
शहीद जवान की शादी आगामी 1 मार्च को तय थी। परिवार शादी की सभी तैयारियां पूरी कर चुका था और खरीदारी भी कर ली गई थी, लेकिन खुशियों से भरे घर में अचानक मातम छा गया। शहादत की खबर मिलते ही गांव चनौली, नूरपुर बेदी और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई।
हादसे से दो दिन पहले हुई थी बेटे से बात
शहीद के पिता बलवीर सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनकी बेटे से आखिरी बातचीत हादसे से दो दिन पहले हुई थी। बेटे ने फोन पर कहा था कि वह एक ऑपरेशन पर जा रहा है और लौटकर बात करेगा। इसके बाद परिवार को उसके शहीद होने की सूचना मिली।



