ख़बरिस्तान नेटवर्क : केंद्र सरकार ने नेशनल हाईवे पर टोल नियम को काफी ज्यादा सख्त कर दिया है। अब टोल न चुकाने वाले वाहनों को NOC, फिटनेस सर्टिफिकेट और नेशनल परमिट जैसी सुविधाएं नहीं दी जाएंगी। सरकार ने यह बदलाव सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स 2026 के तहत किया है।
इस कारण लाया गया है यह नियम
दरअसल केंद्र सरकार यह नियम इलेक्ट्रॉनिक टोल कनेक्शन को मजबूत करने और टोल टैक्स चोरी को रोकने के लिए लाई है। कई बार नेशनल हाईवे पर टोल प्लाजा पर गाड़ी का फास्टैग स्कैन होने के बाद तकनीकी कारणों की वजह से टोल नहीं कट पाता। ऐसे में कम बैलेंस होने पर भी गाड़ियां टोल क्रॉस कर जाती है।
इन्हीं वाहनों की बकाया राशि को रिकॉर्ड में रखने के लिए यह नियम लाया गया है। नए नियमों के लागू होने के बाद, अगर किसी गाड़ी पर टोल का बकाया मिलता है, तो उसकी ये सर्विसेज रोकी जाएंगी।
ये सर्विस रोकी जाएंगी
नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) : अगर आप अपनी गाड़ी किसी दूसरे व्यक्ति को बेचना चाहते हैं या गाड़ी को एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर करना चाहते हैं, तो बिना टोल क्लीयरेंस के NOC जारी नहीं की जाएगी।
फिटनेस सर्टिफिकेट : कॉमर्शियल और अन्य वाहनों के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट का रिन्युअल या नया सर्टिफिकेट जारी करना तब तक मुमकिन नहीं होगा, जब तक पुराना टोल बकाया जमा न हो जाए।
नेशनल परमिट : ट्रक और बसों जैसे कॉमर्शियल वाहनों को नेशनल परमिट जारी करने से पहले यह जांचा जाएगा कि उस वाहन पर कोई टोल बकाया तो नहीं है।